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₹5,000 से ₹5 लाख तक: जानिए भारत के राष्ट्रपति की सैलरी में 75 साल में कितना आया बदलाव

देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद बेहद सादगी से जीते थे, जबकि आज राष्ट्रपति को मिलती हैं कई आधुनिक सुविधाएं और करोड़ों की सुरक्षा व्यवस्था।

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भारत के राष्ट्रपति की सैलरी: डॉ. राजेंद्र प्रसाद से आज तक कितना बदला वेतन और सुविधाएं?
भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद और वर्तमान दौर में राष्ट्रपति पद की बढ़ी सुविधाओं का प्रतीकात्मक दृश्य।

भारत को आज़ादी मिले 75 साल से ज्यादा का समय हो चुका है। इस दौरान देश ने आर्थिक संकट, युद्ध, महामारी और राजनीतिक उतार-चढ़ाव जैसे कई कठिन दौर देखे, लेकिन देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था लगातार मजबूत होती गई। इस व्यवस्था के केंद्र में राष्ट्रपति का पद हमेशा बेहद महत्वपूर्ण माना गया है।

भारत के राष्ट्रपति को देश का प्रथम नागरिक कहा जाता है। वे भारतीय सेनाओं के सुप्रीम कमांडर भी होते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आज जिस पद को देश का सबसे प्रतिष्ठित संवैधानिक पद माना जाता है, उसके पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद कितनी सैलरी लेते थे? और आज के राष्ट्रपति को कितनी सुविधाएं मिलती हैं?

पहले राष्ट्रपति की सादगी आज भी मिसाल

26 जनवरी 1950 को जब भारतीय संविधान लागू हुआ, तब डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने देश के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। उस दौर में राष्ट्रपति की सैलरी ₹10,000 प्रति माह तय की गई थी, लेकिन डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने अपनी सादगी और आदर्शों के चलते सिर्फ आधी सैलरी यानी ₹5,000 ही स्वीकार की।

इतना ही नहीं, अपने कार्यकाल के अंतिम समय में उन्होंने अपनी सैलरी घटाकर केवल ₹2,500 कर दी थी। कहा जाता है कि वे अपने कई निजी काम खुद करते थे और उनके पास सिर्फ एक निजी सहायक था।

आज राष्ट्रपति को मिलती हैं आधुनिक सुविधाएं

समय के साथ देश की अर्थव्यवस्था, महंगाई और जिम्मेदारियां बढ़ीं। इसी के साथ राष्ट्रपति की सैलरी और सुविधाओं में भी बड़ा बदलाव आया।

वर्ष 2016 तक राष्ट्रपति को ₹1.5 लाख प्रति माह वेतन मिलता था, जिसे बाद में बढ़ाकर ₹5 लाख प्रति माह कर दिया गया। खास बात यह है कि राष्ट्रपति को इस सैलरी पर कोई इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता।

इसके अलावा राष्ट्रपति को रहने के लिए भव्य राष्ट्रपति भवन दिया जाता है, जिसमें करीब 340 कमरे मौजूद हैं। साथ ही फ्री मेडिकल सुविधा, लग्जरी गाड़ियां, स्पेशल सिक्योरिटी, स्टाफ और यात्रा सुविधाएं भी दी जाती हैं।

रिटायरमेंट के बाद भी मिलती हैं कई सुविधाएं

राष्ट्रपति का कार्यकाल खत्म होने के बाद भी सुविधाएं जारी रहती हैं। पूर्व राष्ट्रपति को ₹2.5 लाख प्रति माह पेंशन दी जाती है। उनके जीवनसाथी को सचिवीय सहायता के लिए अलग से भत्ता मिलता है।

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इसके अलावा रहने के लिए बड़ा सरकारी बंगला, सुरक्षा व्यवस्था, निजी स्टाफ और यात्रा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं।

भारत के राष्ट्रपति की सैलरी: डॉ. राजेंद्र प्रसाद से आज तक कितना बदला वेतन और सुविधाएं?


75 साल में कितना बदल गया राष्ट्रपति पद

अगर आज और 1950 के दौर की तुलना करें, तो राष्ट्रपति पद की सुविधाओं और वेतन में जमीन-आसमान का फर्क दिखाई देता है। जहां पहले सादगी और सीमित संसाधनों का दौर था, वहीं आज यह पद आधुनिक सुविधाओं और हाई-लेवल सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।

हालांकि, एक बात आज भी नहीं बदली — राष्ट्रपति का पद देश के सबसे सम्मानित और जिम्मेदार पदों में गिना जाता है।

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