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Hyundai Motor को तगड़ा झटका: मुनाफा 31% गिरा, US टैरिफ और महंगे कच्चे माल ने बढ़ाई मुश्किलें
ईरान युद्ध और वैश्विक अनिश्चितता का असर, कंपनी ने आगे भी चुनौतियों का जताया अंदेशा
दुनिया की बड़ी ऑटो कंपनियों में शामिल Hyundai Motor Company को साल 2026 की पहली तिमाही में बड़ा झटका लगा है। कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट करीब 31% गिरकर 2.5 ट्रिलियन वोन रह गया, जो बाजार के अनुमान से काफी कम है।
हालांकि कंपनी की कुल आय (Revenue) 3.4% बढ़कर 45.9 ट्रिलियन वोन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई, लेकिन असली चिंता मुनाफे में आई गिरावट को लेकर है।
टैरिफ और युद्ध ने बिगाड़ी गणित
कंपनी के मुताबिक, अमेरिकी टैरिफ ने अकेले इस तिमाही में 860 बिलियन वोन का नुकसान कराया। वहीं Iran से जुड़े युद्ध के कारण कच्चे माल की कीमतें बढ़ीं, जिससे 200 बिलियन वोन का अतिरिक्त बोझ पड़ा।
इसके अलावा कमजोर विनिमय दर (exchange rate) ने भी कंपनी के मुनाफे को लगभग 270 बिलियन वोन तक प्रभावित किया।
कंपनी के CFO ली सेउंग जो ने कहा कि अगर ये वैश्विक और राजनीतिक कारण न होते, तो कंपनी का मुनाफा 3 ट्रिलियन वोन तक पहुंच सकता था।
EV ट्रांजिशन और चीन से टक्कर
Hyundai को एक और चुनौती इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बाजार में धीमी ग्रोथ और चीन की कंपनियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा से मिल रही है। चीन में बिक्री घटने के साथ-साथ यूरोप में भी मांग में कमी देखने को मिली है।
हालांकि, कंपनी EV और हाइब्रिड गाड़ियों पर फोकस बढ़ा रही है। यूरोप में इनकी बिक्री में 23% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो एक सकारात्मक संकेत है।
अमेरिका में उत्पादन बढ़ाने की रणनीति
टैरिफ के असर को कम करने के लिए Hyundai अब अमेरिका में अपने उत्पादन को बढ़ाने पर काम कर रही है। फिलहाल कंपनी वहां बिकने वाली लगभग 50% गाड़ियां स्थानीय स्तर पर ही बनाती है।
लेकिन CEO जोसे मुनोज़ के अनुसार, इस रणनीति को पूरी तरह लागू करने में समय लगेगा। तब तक कंपनी को लागत कम करने और कीमतों में बदलाव जैसे कदम उठाने होंगे।
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रोबोटिक्स और नई तकनीक पर बड़ा दांव
दिलचस्प बात यह है कि Hyundai अब ऑटो सेक्टर के साथ-साथ रोबोटिक्स में भी बड़ा निवेश कर रही है। कंपनी जल्द ही “Atlas” नाम के ह्यूमनॉइड रोबोट के लिए एक खास ट्रेनिंग सेंटर शुरू करने जा रही है।
Nvidia और Google DeepMind जैसी कंपनियों के साथ मिलकर Hyundai 2028 तक हर साल 30,000 रोबोट बनाने का लक्ष्य रख रही है।

आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाली तिमाहियों में Hyundai की स्थिति बेहतर हो सकती है, खासकर अगर सप्लाई चेन की दिक्कतें कम होती हैं और नई गाड़ियों की लॉन्चिंग सफल रहती है।
उदाहरण के तौर पर, कंपनी जल्द ही चीन के लिए खास तौर पर डिजाइन की गई नई Ioniq सेडान लॉन्च करने की तैयारी में है।
कुल मिलाकर, Hyundai फिलहाल वैश्विक चुनौतियों से जूझ रही है, लेकिन नई तकनीक और रणनीति के जरिए आगे बढ़ने की कोशिश भी कर रही है।
