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Vladimir Putin का Donald Trump को गुप्त ऑफर “ईरान को खुफिया जानकारी देना बंद करूँगा, बस यूक्रेन की मदद छोड़ दो”
रूस के दूत ने मियामी में अमेरिकी प्रतिनिधियों के सामने रखा यह बड़ा सौदा, लेकिन वॉशिंगटन ने ठुकराया — यूरोपीय देशों में मच गई खलबली
नई दिल्ली/मॉस्को। दुनिया की सबसे बड़ी शतरंज की बिसात — यानी अंतरराष्ट्रीय राजनीति — पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक ऐसी चाल चली है जिसने सबको चौंका दिया है। अमेरिकी मीडिया संस्था Politico की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ने अमेरिका के सामने एक गुप्त प्रस्ताव रखा — “हम ईरान को खुफिया जानकारी देना बंद कर देंगे, अगर तुम यूक्रेन की मदद करना छोड़ दो।”
यह प्रस्ताव पिछले हफ्ते मियामी में हुई एक बैठक में सामने आया, जहाँ रूस के विशेष दूत किरिल दिमित्रिएव ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर और उनके दूत स्टीव विटकॉफ से मुलाकात की। बैठक की जानकारी रखने वाले दो सूत्रों के हवाले से यह खबर सामने आई है।
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क्या था इस सौदे में?
सरल भाषा में कहें तो रूस ने कहा — “हम मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य अड्डों और जहाजों की सटीक जानकारी ईरान को देना बंद कर देंगे, बस बदले में अमेरिका यूक्रेन को रूस के खिलाफ खुफिया जानकारी देना बंद करे।” गौरतलब है कि अमेरिका और इजराइल ने करीब तीन हफ्ते पहले ईरान पर हमले शुरू किए थे, और तब से रूस, ईरान को अमेरिकी सैन्य ठिकानों की जानकारी मुहैया करा रहा है — ऐसे आरोप अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने भी लगाए थे।
अमेरिका ने किया इनकार, रूस ने कहा ‘झूठ’
अमेरिका ने इस प्रस्ताव को सिरे से ठुकरा दिया। वहीं रूसी दूत किरिल दिमित्रिएव ने सोशल मीडिया पर इसे “FAKE” यानी झूठी खबर करार दिया। लेकिन जब कोई सरकारी प्रवक्ता इतनी जल्दी किसी खबर को ‘फेक’ कहे, तो राजनीतिक जानकार मानते हैं कि उसमें कुछ न कुछ सच जरूर होता है।

यूरोप में क्यों मची है बेचैनी?
इस पूरे मामले ने यूरोपीय देशों की नींद उड़ा दी है। एक EU अधिकारी ने Politico को बताया कि रूस का यह प्रस्ताव “बेशर्मी की हद” को पार करता है। यूरोपीय देशों को डर है कि पुतिन अमेरिका और यूरोप के बीच दरार डालने की कोशिश कर रहे हैं — ठीक उसी तरह जैसे कोई पड़ोसी दो दोस्तों को लड़वाने के लिए उनके बीच अफवाहें फैलाए।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने जनवरी में खुलासा किया था कि यूक्रेन को मिलने वाली दो-तिहाई सैन्य खुफिया जानकारी अब फ्रांस दे रहा है। यानी अमेरिका पहले ही थोड़ा पीछे हट चुका है।
यूक्रेन की चिंता बढ़ी
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने शुक्रवार को कहा कि वह अमेरिकी अधिकारियों से शांति वार्ता की अगली तारीख की माँग करेंगे। उन्होंने कहा, “हमें साफ तारीखें चाहिए — कम से कम अनुमानित ही सही।” यूक्रेन को डर है कि ईरान युद्ध की आँधी में उनकी लड़ाई कहीं भुला न दी जाए।
पुतिन और ट्रंप की मुलाकात की उम्मीद
सूत्रों के मुताबिक, अगर क्रेमलिन और व्हाइट हाउस यूक्रेन संघर्षविराम पर सहमत हो जाते हैं, तो पुतिन और ट्रंप अप्रैल या मई में मिल सकते हैं — लेकिन जून से पहले। हालाँकि क्रेमलिन ने गुरुवार को कहा कि शांति वार्ता फिलहाल “होल्ड” पर है।
इस पूरे खेल में एक बात साफ दिखती है — पुतिन एक साथ कई मोर्चों पर खेल रहे हैं। एक तरफ यूक्रेन युद्ध, दूसरी तरफ ईरान से दोस्ती, और तीसरी तरफ अमेरिका से सौदेबाजी। दुनिया देख रही है कि इस शतरंज में अगली चाल कौन चलता है।
