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Donald Trump ने ईरानियों से कहा — “सरकार अपने हाथ में लो”, अमेरिका-इज़राइल के हमले के बाद मध्य-पूर्व में मचा हाहाकार
बातचीत फेल हुई, बम गिरे — ट्रंप Mar-a-Lago से देखते रहे पूरा ऑपरेशन, UN सुरक्षा परिषद की इमरजेंसी बैठक बुलाई गई।
कभी-कभी इतिहास बहुत तेज़ी से बदलता है। शुक्रवार को अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत हो रही थी। और शनिवार की सुबह होते-होते तेहरान पर बम गिर रहे थे।
यही है “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” की कहानी — महीनों की गरमागरम बयानबाज़ी, बार-बार की चेतावनियां, खाड़ी में अमेरिकी सेना की तैनाती — और फिर एक सुबह सब कुछ बदल गया।
“हमने बहुत कोशिश की” — ट्रंप का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Truth Social पर वीडियो जारी करते हुए कहा कि अमेरिका ने ईरान के साथ समझौते के लिए बार-बार कोशिश की। “हमने बार-बार डील करने की कोशिश की। हमने कोशिश की।”
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लेकिन बातचीत के सिर्फ दो दिन बाद ही “मेजर कॉम्बैट ऑपरेशन” का एलान हो गया। यह कुछ वैसा ही है जैसे कोई पड़ोसी पहले कहे — “चलो मिल-बैठकर सुलझाते हैं” और अगले ही दिन दरवाज़ा तोड़कर अंदर आ जाए।
ट्रंप ने ईरानी जनता को सीधे संदेश दिया — “अपनी सरकार अपने हाथ में लो।” यह संदेश साफ इशारा करता है कि अमेरिका सिर्फ परमाणु ठिकाने नहीं — बल्कि ईरान की मौजूदा सरकार को ही बदलना चाहता है।
Mar-a-Lago से ट्रंप ने देखा पूरा ऑपरेशन
व्हाइट हाउस ने पुष्टि की कि ट्रंप ने पूरी रात Florida के अपने Mar-a-Lago रिसॉर्ट से इस ऑपरेशन पर नज़र रखी। नेतन्याहू से फोन पर बात हुई — और उनके दफ्तर ने फोन पर बात करते नेतन्याहू की तस्वीर भी जारी की।
यह दृश्य कुछ याद दिलाता है — 2011 में जब ओसामा बिन लादेन के खिलाफ ऑपरेशन चला था, तब बराक ओबामा और उनकी पूरी टीम व्हाइट हाउस के Situation Room में बैठकर लाइव देख रही थी। ट्रंप ने यही काम Mar-a-Lago से किया — बस फर्क इतना है कि यह एक देश के खिलाफ पूरा युद्ध है।

ईरान का जवाब — “करारा जवाब देंगे”
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने बयान जारी किया कि अमेरिका और इज़राइल के इस हमले का “कुचलने वाला जवाब” दिया जाएगा। ईरान ने इज़राइल के साथ-साथ कतर, UAE, सऊदी अरब और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइलें दागीं।
कई अमेरिकी सहयोगी देशों ने अपने यहां आ रहीं इन मिसाइलों को बीच आसमान में ही मार गिराया। लेकिन इससे यह ज़रूर साफ हो गया कि यह जंग अब सिर्फ दो देशों के बीच नहीं रही।
UN की इमरजेंसी बैठक — दुनिया घबराई
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने शनिवार शाम 4 बजे (अमेरिकी समयानुसार) आपात बैठक बुलाई। दुनियाभर के नेता, सहायता संगठन और विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यह संघर्ष अगर नहीं रुका तो और देश भी इसकी चपेट में आएंगे।
मध्य-पूर्व पहले से ही अस्थिर है — यमन में युद्ध, गाज़ा में तबाही, लेबनान में तनाव। और अब ईरान पर सीधा हमला। यह पूरा इलाका एक ऐसे ज्वालामुखी की तरह है जो पहले से धधक रहा था — और अब उसमें और लावा डाल दिया गया है।
आने वाले दिन तय करेंगे कि यह युद्ध कूटनीति की मेज़ पर खत्म होगा या पूरे मध्य-पूर्व को अपनी लपटों में लपेट लेगा।
