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“Aamir Khan ने मेरे पिता बनकर सबको चुप करा दिया…” – Mona Singh का बड़ा खुलासा, 2026 बना करियर का टर्निंग पॉइंट!

‘3 Idiots’ से शुरू हुआ सफर, ‘Laal Singh Chaddha’ से लेकर ‘Happy Patel’ तक—मोना सिंह ने तोड़ी टाइपकास्टिंग की दीवार

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मोना सिंह और आमिर खान—फिल्मों में मां-बेटे से लेकर पिता-बेटी तक का अनोखा रिश्ता

बॉलीवुड में कुछ कलाकार ऐसे होते हैं जो हर दौर में खुद को नए तरीके से पेश करते हैं—और Mona Singh उन्हीं में से एक हैं। साल 2026 उनके लिए किसी “कमबैक ईयर” से कम नहीं दिख रहा।

एक तरफ जहां उनकी फिल्में थिएटर में रिलीज हो रही हैं, वहीं दूसरी तरफ OTT पर भी उनका जलवा बरकरार है। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उस बयान की हो रही है, जिसमें उन्होंने कहा—“Aamir Khan ने मेरे पिता बनकर सबको चुप करा दिया।”

2026: मोना सिंह का सबसे बड़ा साल?

2026 की शुरुआत में ही मोना सिंह की दो फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज हुईं—Happy Patel: Khatarnak Jasoos और Border 2

एक फिल्म में उन्होंने गैंगस्टर ‘बबली’ का किरदार निभाया, तो दूसरी में सैनिक की पत्नी का। इतना ही नहीं, उन्होंने Kohrra के सीजन 2 में भी दमदार वापसी की और Subedaar में भी नजर आईं।

यह विविधता ही उन्हें खास बनाती है—हर रोल में कुछ नया, कुछ अलग।

आमिर खान के साथ अनोखा रिश्ता

मोना सिंह और आमिर खान का रिश्ता फिल्मों में काफी दिलचस्प रहा है।

  • 3 Idiots में उन्होंने आमिर की मां का रोल निभाया
  • Laal Singh Chaddha में भी उनका किरदार बेहद अहम था
  • और अब ‘Happy Patel’ में आमिर उनके पिता बन गए

इस पर मोना हंसते हुए कहती हैं—“ये सिर्फ आमिर ही कर सकते हैं, जो इतने अलग तरीके से सोचते हैं। उन्होंने सच में सबको चुप करा दिया।”

‘फीमेल गब्बर’ बनकर तोड़ी इमेज

‘Happy Patel’ में मोना सिंह का किरदार ‘बबली’ काफी चर्चा में है, जिसे लोग “फीमेल गब्बर” कह रहे हैं।

इस किरदार की खास बात यह है कि वह एक गैंगस्टर होते हुए भी पूरी तरह अलग अंदाज में दिखाई देती है—गुलाबी कपड़े, अपना अलग स्टाइल और एक अनोखी दुनिया।

यह किरदार कहीं न कहीं Sholay के ‘गब्बर’ से प्रेरित लगता है, लेकिन पूरी तरह नए अंदाज में।

Mona Singh On Casting Couch 1


टाइपकास्टिंग से बचने की कहानी

‘3 Idiots’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म के बाद मोना सिंह को कई मां के रोल ऑफर हुए, लेकिन उन्होंने उन्हें ठुकरा दिया।

वह कहती हैं, “मैं सिर्फ मां बनकर नहीं रहना चाहती थी। मैं देखती हूं कि मेरे किरदार का फिल्म में क्या योगदान है।”

यही सोच उन्हें आगे ले गई और उन्होंने अलग-अलग तरह के रोल चुने।

डिजिटल और थिएटर का फर्क

मोना मानती हैं कि थिएटर और OTT का अनुभव बिल्कुल अलग होता है।

उनके अनुसार, जब दर्शक टिकट खरीदकर फिल्म देखने आते हैं, तो उनकी प्रतिक्रिया ज्यादा सच्ची और प्रभावशाली होती है।

आगे क्या?

‘3 Idiots’ के सीक्वल की खबरों पर भी मोना ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने भी इसके बारे में सुना है, लेकिन अभी तक उन्हें कोई कॉल नहीं आया।

वह मजाक में कहती हैं—“अगर सीक्वल बन रहा है, तो मेरा बेटा अब तक फुटबॉलर बन गया होगा!”

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