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ईरान फिर बना रहा बड़ा हमला करने की तैयारी Hormuz Strait पर बढ़ा खतरा, अमेरिका की बढ़ सकती है टेंशन
रिपोर्ट में दावा ईरान ने दोबारा चालू किए ज्यादातर मिसाइल लॉन्च साइट्स, अमेरिकी हथियार भंडार पर भी उठे सवाल
मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक Iran ने Strait of Hormuz के आसपास मौजूद अपनी ज्यादातर मिसाइल लॉन्च साइट्स को फिर से सक्रिय कर लिया है। यही नहीं, दावा किया जा रहा है कि ईरान के पास अब भी उसका करीब 70 प्रतिशत मिसाइल भंडार सुरक्षित है।
इन खबरों के सामने आने के बाद अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर संघर्ष दोबारा शुरू होता है तो पूरी दुनिया के तेल बाजार और समुद्री व्यापार पर बड़ा असर पड़ सकता है।
Hormuz Strait क्यों है इतना अहम?
Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में गिना जाता है। दुनिया का करीब 20 प्रतिशत कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है। ऐसे में अगर यहां किसी तरह का सैन्य तनाव बढ़ता है तो उसका असर सीधे वैश्विक तेल कीमतों पर पड़ सकता है।
इसी वजह से अमेरिका लंबे समय से इस इलाके में अपनी नौसैनिक मौजूदगी बनाए हुए है।
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ईरान ने फिर से खोले मिसाइल बेस
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने Hormuz क्षेत्र के पास मौजूद 33 में से करीब 30 मिसाइल लॉन्च साइट्स को दोबारा ऑपरेशनल बना लिया है। अमेरिकी खुफिया अधिकारियों ने बंद कमरे में हुई बैठकों में यह जानकारी नीति निर्माताओं के साथ साझा की।
बताया जा रहा है कि ईरान ने अपने लगभग 90 प्रतिशत भूमिगत हथियार भंडार भी दोबारा खोल लिए हैं। इन जगहों पर ड्रोन, बैलिस्टिक मिसाइल और दूसरे हथियार मौजूद हो सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इससे यह साफ संकेत मिलता है कि ईरान अभी भी सैन्य रूप से कमजोर नहीं पड़ा है, जैसा कि कुछ अमेरिकी दावों में कहा जा रहा था।
अमेरिका के हथियार भंडार पर चिंता
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि अगर युद्धविराम टूटता है तो अमेरिकी सेना को हथियारों की कमी का सामना करना पड़ सकता है।

सूत्रों के मुताबिक अमेरिका के Tomahawk missiles और Patriot defense systems जैसे अहम हथियारों का इस्तेमाल लगातार बढ़ा है। ऐसे में लंबे संघर्ष की स्थिति में अमेरिकी सैन्य संसाधनों पर दबाव बढ़ सकता है।
क्या फिर शुरू हो सकता है युद्ध?
पिछले कुछ महीनों से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। हालांकि हाल में युद्धविराम जैसी स्थिति बनी थी, लेकिन अब नई रिपोर्ट्स ने संकेत दिए हैं कि हालात दोबारा बिगड़ सकते हैं।
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अगर Hormuz Strait में नौसैनिक टकराव बढ़ता है तो यह सिर्फ क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक संकट बन सकता है।
तेल बाजार और दुनिया पर असर
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर पहले ही अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में दिखने लगा है। निवेशकों और तेल कंपनियों की नजर अब ईरान और अमेरिका की अगली चाल पर टिकी हुई है।
अगर Hormuz Strait में आवाजाही प्रभावित होती है तो दुनियाभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं। भारत जैसे देशों पर भी इसका सीधा असर पड़ सकता है क्योंकि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा तेल आयात से पूरा करता है।
दुनिया की बढ़ी चिंता
विशेषज्ञ मानते हैं कि मौजूदा स्थिति बेहद संवेदनशील है। एक छोटी सैन्य गलती भी बड़े युद्ध का रूप ले सकती है। यही कारण है कि दुनिया की कई बड़ी ताकतें फिलहाल कूटनीतिक समाधान पर जोर दे रही हैं।
लेकिन ईरान की मिसाइल गतिविधियों और अमेरिकी सैन्य तैयारियों को देखते हुए यह साफ है कि मध्य पूर्व में खतरा अभी टला नहीं है।
