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सिर्फ 14 साल के Vaibhav Sooryavanshi फिर चर्चा में, उम्र के नियम बने सपनों में रुकावट
जूनियर क्रिकेट कप से बाहर रहना पड़ा, रिकॉर्ड बनाने वाले इस युवा बल्लेबाज़ की कहानी जानिए
भारतीय क्रिकेट में जब भी कम उम्र में बड़ी उपलब्धियों की बात होती है, तो सबसे पहले नाम आता है वैभव सूर्यवंशी का। महज 14 साल की उम्र में जिस तरह से इस युवा बल्लेबाज़ ने घरेलू जूनियर क्रिकेट में धमाल मचाया, उसने क्रिकेट विशेषज्ञों से लेकर आम दर्शकों तक सभी को हैरान कर दिया। लेकिन हाल ही में एक खबर ने फैंस को निराश कर दिया है—वैभव अपनी उम्र के कारण जूनियर क्रिकेट कप में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।
दरअसल, जिस जूनियर क्रिकेट कप की चर्चा हो रही है, उसमें खेलने के लिए खिलाड़ियों की न्यूनतम आयु को लेकर सख्त नियम बनाए गए हैं। वैभव भले ही मैदान पर परिपक्वता, तकनीक और आत्मविश्वास में कई सीनियर खिलाड़ियों से आगे दिखें, लेकिन जन्मतिथि के आधार पर वह इस टूर्नामेंट की पात्रता सूची में फिट नहीं बैठते। यही वजह है कि शानदार फॉर्म में होने के बावजूद उन्हें इस बड़े मंच से दूर रहना पड़ा।
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क्रिकेट जानकार मानते हैं कि यह फैसला नियमों के तहत सही हो सकता है, लेकिन भावनात्मक तौर पर यह आसान नहीं है। एक ऐसा खिलाड़ी, जिसने हाल के महीनों में तेज़ शतक लगाकर और बड़ी-बड़ी पारियां खेलकर सबका ध्यान खींचा, उसका सिर्फ उम्र के कारण बाहर होना सवाल भी खड़े करता है। हालांकि बोर्ड और आयोजकों का साफ कहना है कि नियम सभी के लिए बराबर होते हैं और किसी एक खिलाड़ी के लिए अपवाद नहीं बनाया जा सकता।

वैभव सूर्यवंशी के कोच और करीबी लोग भी इस फैसले से निराश हैं, लेकिन उनका मानना है कि यह रुकावट अस्थायी है। क्रिकेट में उनका सफर अभी बहुत लंबा है। आने वाले समय में उम्र की यह बाधा अपने आप खत्म हो जाएगी और तब वैभव को और भी बड़े मंच मिलेंगे, जहां वह अपनी प्रतिभा का असली प्रदर्शन कर सकेंगे।
खुद वैभव ने भी इस पूरे मामले पर संयमित प्रतिक्रिया दी है। सूत्रों के मुताबिक, वह इस फैसले को सीख की तरह ले रहे हैं और अपने खेल पर और ज्यादा मेहनत करने पर फोकस कर रहे हैं। क्रिकेट प्रेमियों को भी उम्मीद है कि यह युवा खिलाड़ी जल्द ही किसी बड़े टूर्नामेंट में अपनी दमदार वापसी करेगा।
भारतीय क्रिकेट ने पहले भी कई ऐसे उदाहरण देखे हैं, जहां शुरुआती झटकों के बावजूद खिलाड़ियों ने आगे चलकर देश के लिए बड़ा नाम कमाया। वैभव सूर्यवंशी की कहानी भी कुछ ऐसी ही लगती है—आज उम्र की वजह से एक टूर्नामेंट छूटा है, लेकिन कल वही उम्र उनका सबसे बड़ा हथियार बनेगी।
