Technology
UAE में साइबर हमला तूफान! रोज़ 6 लाख हमलों से हिल गई डिजिटल व्यवस्था
ईरान समर्थित हैकर्स पर शक, बैंकिंग, कोर्ट और सरकारी सिस्टम सबसे ज्यादा निशाने पर
मध्य-पूर्व के बड़े वित्तीय केंद्र United Arab Emirates (UAE) में इन दिनों एक नई तरह की जंग देखने को मिल रही है—साइबर वॉरफेयर। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां रोजाना करीब 6 लाख साइबर हमले हो रहे हैं, जो पहले के मुकाबले तीन गुना ज्यादा हैं।
यह जानकारी UAE Cyber Security Council ने दी है। अधिकारियों का कहना है कि इन हमलों के पीछे ईरान से जुड़े स्वतंत्र हैकर ग्रुप्स का हाथ हो सकता है, जो अब संगठित और लगातार हमले कर रहे हैं।
किन सेक्टर्स पर सबसे ज्यादा असर?
इन साइबर हमलों का सबसे ज्यादा असर सरकारी और वित्तीय संस्थानों पर पड़ा है। जिन प्रमुख संस्थानों को निशाना बनाया गया, उनमें शामिल हैं:
- Dubai Land Department
- Dubai Courts
- Roads and Transport Authority
इसके अलावा बिजली, पानी, पोर्ट्स और पर्यावरण मंत्रालय से जुड़े सिस्टम भी प्रभावित हुए हैं।
क्या हो रहा है असर?
इन हमलों की वजह से कई जगहों पर कामकाज प्रभावित हुआ है।
- कोर्ट केस में देरी
- पेमेंट सिस्टम में रुकावट
- डेटा एक्सेस में समस्या
विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही अभी तक स्थायी नुकसान कम हुआ है, लेकिन अगर यही स्थिति जारी रही तो बड़े सिस्टम फेल हो सकते हैं।
साइबर हमलों का नया तरीका
अब हैकर्स सिर्फ सिस्टम हैक नहीं कर रहे, बल्कि AI का इस्तेमाल कर फिशिंग और धोखाधड़ी भी कर रहे हैं। यानी एक साथ कई तरह के हमले किए जा रहे हैं, जिससे खतरा और बढ़ गया है।
एक्सपर्ट्स की चेतावनी
साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह खतरा अब “बॉर्डरलेस” हो चुका है। यानी यह किसी एक देश तक सीमित नहीं है।

Mohammed Al Kuwaiti ने कहा कि साइबर खतरे अब लगातार बने रहते हैं, इसलिए सतर्कता और मजबूत सुरक्षा सिस्टम बेहद जरूरी है।
बढ़ी साइबर जॉब्स की डिमांड
इस बढ़ते खतरे के बीच UAE और सऊदी अरब में साइबर सिक्योरिटी प्रोफेशनल्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। कंपनियां अब अपने डेटा को सुरक्षित रखने के लिए नए-नए तरीके अपना रही हैं, जिसमें ऑफलाइन बैकअप और दूसरे देशों में डेटा स्टोरेज भी शामिल है।
