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लाल किले ब्लास्ट साजिश में 32 कारों का खौफनाक नेटवर्क! बाबरी बदले के नाम पर बड़ा धमाका प्लान
जांच में खुलासा—Maruti Brezza से Ford EcoSport तक 32 कारों में भरे जा रहे थे बम, 6 दिसंबर को दिल्ली में सीरियल अटैक की तैयारी
दिल्ली के लाल किले के पास हुए हालिया धमाके की जांच अब बेहद चौंकाने वाले मोड़ पर पहुँचती दिख रही है। जांच एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, यह कोई साधारण हमला नहीं था, बल्कि एक सीरियल ब्लास्ट नेटवर्क का हिस्सा था, जिसमें 32 कारों का इस्तेमाल किया जाने वाला था। इस पूरे ऑपरेशन को “बाबरी बदले” के नाम पर अंजाम देने की तैयारी की जा रही थी।
32 कारें—एक देशव्यापी खतरा
सूत्रों का दावा है कि इस मॉड्यूल में शामिल गाड़ियाँ थीं:
- Maruti Suzuki Brezza
- Maruti Swift Dzire
- Ford EcoSport
- और वह Hyundai i20, जिसमें सोमवार शाम विस्फोट हुआ था।
हर कार को अलग-अलग लोकेशन्स पर पार्क करके या चलते-फिरते बम कैरियर के रूप में इस्तेमाल किया जाना था। एजेंसियों के अनुसार, इन कारों में या तो विस्फोटक भरे जाने थे या इन्हें बम डिलीवरी के लिए इस्तेमाल किया जाना था।
6 दिसंबर—सबसे बड़ा निशाना
जांच के मुताबिक, इस मॉड्यूल का सबसे बड़ा हमला 6 दिसंबर को होना था—वही तारीख जिस दिन 1992 में अयोध्या की बाबरी मस्जिद ढहाई गई थी। इस दिन दिल्ली में छह जगहों पर सीरियल ब्लास्ट की साजिश रची गई थी।
अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि यह हमला केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहने वाला था, बल्कि इसके तार उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पश्चिम बंगाल तक फैले हुए थे।
सबसे पहले फटने वाली कार बनी सुराग
सोमवार शाम हुए Hyundai i20 ब्लास्ट ने इस पूरे नेटवर्क का नक्शा सामने लाने में निर्णायक भूमिका निभाई। फॉरेंसिक टीम को कार के अवशेषों में विस्फोटक के कई सैंपल मिले, जिनके आधार पर पुलिस बाकी गाड़ियों तक पहुंची।

किराए पर ली गईं गाड़ियाँ और फर्जी आईडी
जांच में सामने आया है कि कई गाड़ियाँ फर्जी दस्तावेजों पर खरीदी या किराए पर ली गई थीं। संदिग्धों ने दिल्ली की यमुना किनारे पार्किंग, पुरानी दिल्ली के गैरेज और NCR के कई पॉकेट्स में गाड़ियाँ खड़ी करके उनमें विस्फोटकों को फिट करने की तैयारी शुरू कर दी थी।
सीसीटीवी में नज़र आए दो मुख्य चेहरे
दिल्ली पुलिस को आसपास के CCTV फुटेज में दो संदिग्धों के चेहरे मिले हैं, जो Grey hoodie और काली जैकेट पहने दिखे। इन्हें वही व्यक्ति बताया जा रहा है जो i20 के पास आखिरी बार देखे गए थे।
NIA और स्पेशल सेल इनकी पहचान करने में जुटी हुई है।
बड़ी वारदात को टला बताया जा रहा
सुरक्षा एजेंसियां मान रही हैं कि i20 का वक्त से पहले फटना इस गैंग के लिए ‘गंभीर झटका’ साबित हुआ, जिसकी वजह से बाकी गाड़ियों को सक्रिय करने की साजिश फिलहाल रुक गई।
लेकिन जांचकर्ता यह भी कह रहे हैं कि—
“32 कारें यानी 32 तरीके से तबाही। अगर ये नेटवर्क एक्टिव हो जाता तो हालात बहुत भयावह हो सकते थे।”
दिल्ली में हाई अलर्ट, कई राज्यों में छापेमारी
धमाके के तुरंत बाद दिल्ली में हाई अलर्ट जारी है। NCR के बॉर्डर सील किए गए हैं और विभिन्न राज्यों की ATS मिलकर छापेमारी कर रही हैं।
एजेंसियों के अनुसार, यह मॉड्यूल अच्छी तरह फंडेड और तकनीकी रूप से प्रशिक्षित समूह था, जिसका मकसद देश में बड़े पैमाने पर दहशत फैलाना था।
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