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आधी रात की आग ने छीनी 10 जिंदगियां…”: कटक के SCB मेडिकल कॉलेज में भीषण आग, PM Modi ने किया मुआवजे का ऐलान

ओडिशा के कटक स्थित SCB मेडिकल कॉलेज अस्पताल के ट्रॉमा ICU में तड़के लगी आग; शॉर्ट सर्किट की आशंका, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने न्यायिक जांच के आदेश दिए

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कटक के SCB मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लगी भीषण आग के बाद मौके पर पहुंची दमकल और प्रशासन की टीमें।

ओडिशा के कटक में स्थित SCB Medical College and Hospital में सोमवार तड़के लगी भीषण आग ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया। हादसे में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य मरीज और अस्पताल कर्मचारी झुलस गए। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है, हालांकि प्रशासन ने इसकी आधिकारिक पुष्टि से पहले विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

घटना के बाद Narendra Modi ने मृतकों के परिजनों के लिए 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की और इस दुखद हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया। वहीं Mohan Charan Majhi ने मृतकों के परिवारों के लिए 25 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया और मामले की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए।

तड़के 3 बजे के आसपास लगी आग

मिली जानकारी के अनुसार आग सुबह करीब 2:30 से 3 बजे के बीच अस्पताल के ट्रॉमा केयर ICU विंग में लगी। उस समय वहां 23 मरीज भर्ती थे। आग लगते ही अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई।

अस्पताल के कर्मचारियों और Odisha Fire and Emergency Services की टीमों ने तुरंत मोर्चा संभाला। दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और ICU में भर्ती मरीजों को तुरंत दूसरे वार्डों में शिफ्ट किया।

हालांकि, इस दौरान कई मरीजों की हालत बिगड़ गई। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक सात मरीजों की मौत दूसरे ICU में शिफ्ट करते समय हो गई, जबकि तीन अन्य मरीजों ने बाद में दम तोड़ दिया

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बचाव के दौरान झुलसे अस्पताल कर्मचारी

इस भयावह हादसे में करीब 11 अस्पताल कर्मचारी भी झुलस गए, जो मरीजों को बचाने की कोशिश कर रहे थे। घायलों का इलाज अस्पताल में ही किया जा रहा है।

अस्पताल के एक डॉक्टर ने बताया कि जब आग लगी, तब ICU में धुआं तेजी से फैल गया था, जिससे मरीजों को निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया। कई कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों को बाहर निकाला।

मुख्यमंत्री ने किया अस्पताल का दौरा

घटना की सूचना मिलते ही ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी स्वास्थ्य मंत्री Mukesh Mahaling के साथ अस्पताल पहुंचे।

उन्होंने अस्पताल प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की और घायलों से मुलाकात भी की। मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा:

“23 मरीजों को दूसरे विभागों में शिफ्ट किया गया है। सात मरीजों की मौत शिफ्टिंग के दौरान हुई, जबकि तीन अन्य की बाद में मौत हो गई। इस घटना की न्यायिक जांच कराई जाएगी ताकि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके।”

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस हादसे के बाद अस्पतालों में फायर सेफ्टी सिस्टम को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ICU जैसे संवेदनशील विभागों में अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था और नियमित निरीक्षण बेहद जरूरी होता है।

पिछले कुछ वर्षों में देश के कई अस्पतालों में आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें अक्सर इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट प्रमुख कारण बनता है।

शोक में डूबा कटक

हादसे के बाद Cuttack शहर में शोक का माहौल है। अस्पताल के बाहर मृतकों के परिजनों की भीड़ जुट गई, जिनकी आंखों में अपने प्रियजनों को खोने का दर्द साफ दिखाई दे रहा था।

कई लोगों ने प्रशासन से अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियां दोबारा न हों।

फिलहाल, सरकार ने मामले की जांच शुरू कर दी है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस दर्दनाक हादसे के पीछे की असली वजह सामने आ जाएगी।

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