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Vedanta पावर प्लांट ब्लास्ट: 21 मजदूरों की मौत, केंद्र सरकार की टीम करेगी जांच

छत्तीसगढ़ के सक्ती में हुए भीषण हादसे के बाद लापरवाही के संकेत, FIR में बड़े नाम शामिल

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Vedanta Power Plant Blast: 21 Dead in Chhattisgarh, Central Team to Investigate
सक्ति में वेदांता पावर प्लांट ब्लास्ट के बाद जांच तेज, 21 मजदूरों की मौत

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित Vedanta के पावर प्लांट में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस हादसे में अब तक 21 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 14 लोग गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज जारी है।

घटना के बाद केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए एक विशेष जांच टीम गठित की है, जो इस पूरे मामले की गहराई से जांच करेगी।


कब और कैसे हुआ हादसा?

यह हादसा 14 अप्रैल को सक्ती जिले के पावर प्लांट में हुआ, जहां बॉयलर में अचानक विस्फोट हो गया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बॉयलर के फर्नेस में अत्यधिक ईंधन जमा हो गया था, जिससे दबाव तेजी से बढ़ा और अंततः विस्फोट हो गया।

इस विस्फोट के कारण बॉयलर का एक पाइप अपनी जगह से निकल गया, जिससे यह बड़ा हादसा हुआ।


लापरवाही के संकेत

जांच एजेंसियों की शुरुआती रिपोर्ट में “मेंटेनेंस में कमी” और “ऑपरेशन में लापरवाही” के संकेत मिले हैं।

फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) की रिपोर्ट ने भी पुष्टि की है कि:

  • ईंधन का अत्यधिक जमाव
  • दबाव का असामान्य बढ़ना

इस दुर्घटना के मुख्य कारण थे।


केंद्र की टीम करेगी जांच

अब इस मामले की जांच के लिए केंद्र से इंडस्ट्रियल सेफ्टी और बॉयलर विशेषज्ञों की टीम सक्ती पहुंचेगी।

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यह टीम:

  • तकनीकी खामियों की जांच करेगी
  • जिम्मेदार लोगों की पहचान करेगी
  • भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय सुझाएगी

FIR में बड़े नाम शामिल

इस मामले में पुलिस ने गंभीर धाराओं के तहत FIR दर्ज की है।

धाराएं शामिल हैं:

  • लापरवाही से मौत (धारा 106)
  • मशीनरी के प्रति लापरवाही (धारा 289)
  • सामूहिक जिम्मेदारी (धारा 3(5))

FIR में 8 से 10 लोगों के नाम शामिल किए गए हैं, जिनमें Anil Agarwal भी शामिल हैं।


Vedanta Power Plant Blast: 21 Dead in Chhattisgarh, Central Team to Investigate


विशेष जांच टीम का गठन

जिले में एक विशेष जांच टीम भी बनाई गई है, जिसमें:

  • एडिशनल एसपी
  • फोरेंसिक एक्सपर्ट
  • स्थानीय पुलिस अधिकारी

शामिल हैं, जो इस केस की हर एंगल से जांच करेंगे।


निष्कर्ष

वेदांता प्लांट में हुआ यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े करता है।

अगर समय पर मेंटेनेंस और सुरक्षा नियमों का पालन होता, तो शायद इतनी बड़ी जानहानि टाली जा सकती थी।

अब सभी की नजर इस जांच पर है, जिससे उम्मीद है कि सच्चाई सामने आएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।