Sports
15 साल के Vaibhav’s का कमाल! हार के बावजूद छा गई पारी, बदला बल्लेबाजी का अंदाज
ईडन गार्डन्स में वैभव सूर्यवंशी ने दिखाया नया गेम प्लान, मुश्किल पिच पर भी खेली समझदारी भरी पारी
कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए मुकाबले में भले ही राजस्थान रॉयल्स को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन एक नाम ऐसा रहा जिसने सबका ध्यान खींच लिया — वैभव सूर्यवंशी।
15 साल के इस युवा बल्लेबाज ने एक बार फिर दिखा दिया कि वह सिर्फ पावर हिटर ही नहीं, बल्कि समझदारी से खेलने वाला क्रिकेटर भी है।
मैच में KKR की ‘ग्रेट एस्केप’ जीत
कोलकाता नाइट राइडर्स ने इस मैच में रोमांचक जीत दर्ज की। आखिरी ओवर तक चले मुकाबले में वरुण चक्रवर्ती की शानदार गेंदबाजी, रिंकू सिंह की अर्धशतकीय पारी और अनुुकुल रॉय की सूझबूझ ने टीम को जीत दिलाई।
लेकिन इस पूरे रोमांच के बीच वैभव सूर्यवंशी की पारी कहीं न कहीं दब गई।
28 गेंदों में 46 रन, लेकिन कहानी कुछ और थी
वैभव ने 28 गेंदों में 46 रन बनाए। यह आंकड़ा भले ही उनके पिछले रिकॉर्ड्स जितना बड़ा न लगे, लेकिन इस पारी की अहमियत अलग थी।
उन्होंने शुरुआत में संयम दिखाया और फिर मौके मिलने पर आक्रामक शॉट खेले। खास बात यह रही कि उन्होंने अपनी बल्लेबाजी शैली में बदलाव दिखाया।
बदला हुआ शॉट सिलेक्शन
अब तक वैभव अपने स्लॉग और पुल शॉट्स के लिए जाने जाते थे। लेकिन इस मैच में उन्होंने ऑफ-साइड पर ज्यादा रन बनाए।
- 6 में से 5 बाउंड्री ऑफ-साइड पर
- कट, स्क्वायर ड्राइव और रैंप शॉट का बेहतरीन इस्तेमाल
- गेंद को लाइन के बाहर खेलकर KKR की रणनीति को फेल किया
यह बदलाव दिखाता है कि वह सिर्फ ताकत से नहीं, दिमाग से भी खेलते हैं।
आंकड़ों में वैभव का जलवा
- स्लॉग शॉट से 178 रन (स्ट्राइक रेट 371)
- पुल शॉट से 75 रन (स्ट्राइक रेट 300)
- फ्लिक से 35 रन (स्ट्राइक रेट 269)
इतनी कम उम्र में ऐसे आंकड़े उन्हें खास बनाते हैं।

कोच ने भी मानी बात
टीम के बैटिंग कोच विक्रम राठौर ने कहा कि वैभव ने पिच को समझकर खुद को ढाला। यही एक बड़े खिलाड़ी की पहचान होती है।
उनके बचपन के कोच मनीष ओझा भी पहले ही कह चुके हैं कि वैभव की सबसे बड़ी ताकत मैच के दिन प्लान को सही तरीके से लागू करना है।
भविष्य का स्टार?
वैभव सूर्यवंशी ने पहले भी कई धमाकेदार पारियां खेली हैं —
- 35 गेंदों में शतक
- 17 गेंदों में 52 रन
- अंडर-19 वर्ल्ड कप में 175 रन
लेकिन इस बार उन्होंने जो दिखाया, वह और भी खास था — एडाप्ट करने की क्षमता।
हार में भी जीत जैसी पारी
हालांकि वह वरुण चक्रवर्ती की गेंद पर आउट हो गए और टीम मैच हार गई, लेकिन उनकी पारी ने यह साफ कर दिया कि आने वाले समय में वह भारतीय क्रिकेट का बड़ा नाम बन सकते हैं।
और पढ़ें-DAINIK-DIARY
