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PM Italy में Toffee बाँट रहे हैं, देश में Economic Storm आया हुआ है Rahul Gandhi का Modi पर तीखा वार
Melody Toffee Gift को बनाया निशाना — Mallikarjun Kharge बोले: 11 साल में औसत कर्ज़ 11 गुना बढ़ा; BJP ने बताया Opposition का खोखला बयान
Rome में Melody toffee का वो gift — जो social media पर करोड़ों को हँसा रहा था — वही Congress के लिए एक राजनीतिक ammunition बन गया। Rahul Gandhi ने बुधवार को PM Narendra Modi पर जमकर निशाना साधा — और इस बार Italy की यात्रा को आर्थिक संकट से जोड़ा।
Rahul Gandhi का X पर हमला
Rahul ने X पर लिखा —
“हमारे सिर पर economic storm आया हुआ है — और हमारे PM Italy में candies बाँटने में व्यस्त हैं। किसान, युवा, महिलाएं, मजदूर, छोटे व्यापारी — सब रो रहे हैं। PM हँस रहे हैं और reels बना रहे हैं — BJP वाले ताली बजा रहे हैं। यह leadership नहीं, farce है।”
Melody toffee gift — जो diplomatic warmth की एक innocent gesture थी — को Rahul ने देश की आर्थिक तकलीफों के सामने रख दिया।
Kharge का ’11 साल, 11 गुना कर्ज़’ वाला दावा
Congress अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने और आगे बढ़ते हुए कहा —
“Modi सरकार चाहती है कि जनता speeches की ‘melody’ सुने — जबकि सरकार की ‘misery’ झेले। 11 साल में प्रत्येक भारतीय का औसत कर्ज़ 11 गुना बढ़ा है। दूसरी तरफ 229 tycoons की wealth — 26 नए billionaires के साथ — ₹97.50 लाख करोड़ से ऊपर पहुँच गई है।”
यह numbers — अगर सच हैं — तो एक गंभीर सवाल उठाते हैं। अमीर और अमीर, गरीब और गरीब — यह narrative Opposition का पुराना लेकिन effective हथियार है।
Modi की Italy यात्रा — असल में क्या हुआ?
PM Modi पाँच देशों की यात्रा के आखिरी पड़ाव पर Italy गए। वहाँ Italian PM Giorgia Meloni के साथ dinner, Colosseum की visit और bilateral talks हुई। Melody toffee gift — जो उन्होंने Meloni को दिया — एक personal, warm gesture था जो social media पर वायरल हो गया।
India और Italy के बीच trade, defence और cultural ties को मज़बूत करना इस यात्रा का official purpose था।
Opposition का यह Attack — कितना Effective?
Rahul Gandhi का यह angle दिलचस्प है — वो Modi की diplomatic success को आर्थिक विफलता से contrast कर रहे हैं। यह opposition politics का एक classic move है।
लेकिन सवाल यह भी उठता है — क्या PM की विदेश यात्राएं और घरेलू आर्थिक चुनौतियाँ directly linked हैं? क्या एक PM को diplomatic दौरे बंद कर देने चाहिए?

India इस वक्त Global South का एक leading voice बनने की कोशिश में है — और इसके लिए active diplomacy ज़रूरी है। लेकिन साथ में यह भी सच है कि आम आदमी की तकलीफें — महँगाई, बेरोज़गारी, कर्ज़ — real हैं।
दोनों बातें एक साथ सच हो सकती हैं।
क्या है जनता की राय?
Social media पर reactions बँटे हुए हैं। कुछ लोग Rahul के attack को valid मानते हैं — “जब घर में आग लगी हो, बाहर जश्न नहीं होना चाहिए।” दूसरों का कहना है — “Diplomacy देश का काम है, Opposition को हर चीज़ में राजनीति नहीं देखनी चाहिए।”
यह debate — जो आज social media पर है — कल elections में vote बनेगी।
