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PM Modi ने Somnath Mahotsav से बोला विपक्ष पर हमला Nehru का नाम लेकर साधा ‘तुष्टिकरण’ की राजनीति पर निशाना

“राष्ट्रीय स्वाभिमान के मामलों पर भी होती है राजनीति” — Modi ने Sardar Patel और Rajendra Prasad का किया ज़िक्र

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PM Modi का Somnath Mahotsav से विपक्ष पर हमला — Nehru का नाम लेकर साधा 'तुष्टिकरण' पर निशाना | Dainik Diary
PM Narendra Modi ने Somnath Amrit Mahotsav में Nehru का संदर्भ देते हुए Congress पर 'तुष्टिकरण की राजनीति' का आरोप लगाया — Sardar Patel और Rajendra Prasad को किया याद।

Gujarat के Gir में Somnath Amrit Mahotsav के भव्य आयोजन में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने एक बार फिर विपक्ष पर सीधा हमला बोला। इस बार उनका निशाना था “तुष्टिकरण” की राजनीति — और उन्होंने Somnath Temple के ज़रिए इतिहास का वो पन्ना खोला जो आज भी बहस का विषय है।

“राष्ट्रीय स्वाभिमान पर भी राजनीति”

PM Modi ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “हमारे देश में राष्ट्रीय स्वाभिमान से जुड़े मामलों पर भी राजनीति होती रहती है। Somnath इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।”

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उन्होंने आज़ादी के बाद Somnath Temple के पुनर्निर्माण का ज़िक्र किया और कहा कि यह देश के पहले बड़े कर्तव्यों में से एक था। उन्होंने Sardar Vallabhbhai Patel और Dr Rajendra Prasad की भूमिका को याद करते हुए कहा, “इसीलिए Sardar Vallabhbhai Patel और Dr Rajendra Prasad ने इस काम में इतना परिश्रम किया।”

Nehru का संदर्भ — और Congress पर तीखा प्रहार

PM Modi ने तत्कालीन प्रधानमंत्री Jawaharlal Nehru का संदर्भ देते हुए कहा कि उस दौर में Somnath Temple के पुनर्निर्माण में कथित तौर पर विरोध का सामना करना पड़ा था। यह बयान Congress पर सीधा तंज था — जिस पर Modi सरकार अक्सर “appeasement politics” का आरोप लगाती है।

PM Modi का Somnath Mahotsav से विपक्ष पर हमला — Nehru का नाम लेकर साधा 'तुष्टिकरण' पर निशाना | Dainik Diary


Somnath — आस्था और इतिहास का संगम

Somnath Temple सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं — यह भारतीय इतिहास के संघर्ष और पुनर्जागरण का प्रतीक है। कई बार विदेशी आक्रमणकारियों द्वारा तोड़े जाने के बाद इस मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ — और आज़ादी के बाद इसकी पुनर्स्थापना भारत के आत्मसम्मान की वापसी का प्रतीक मानी जाती है।

PM Modi का यह भाषण एक बार फिर राष्ट्रीय पहचान और सांस्कृतिक विरासत को चुनावी और राजनीतिक विमर्श के केंद्र में ले आया — और विपक्ष को एक नई बहस का मुँह देकर गया।