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₹22,000 करोड़ का घाटा, महँगा Jet Fuel और बंद Airspace Air India ने काटी International Flights, Europe-America-Australia के Routes पर असर
CEO Campbell Wilson ने Staff को लिखा letter — कहा “कई international flights घाटे में चल रही हैं, जारी रखना नुकसान और बढ़ाएगा”; May से July तक रहेगा असर
भारत की प्रमुख airline Air India ने मई से जुलाई 2026 के बीच अपनी कई international flights कम करने का फैसला किया है। इस फैसले के पीछे दो बड़ी वजहें हैं — jet fuel की बढ़ती कीमतें और West Asia conflict के चलते कई देशों के airspace पर लगी पाबंदियाँ। इन दोनों कारणों ने मिलकर Air India की international operations को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
Air India के outgoing CEO और Managing Director Campbell Wilson ने airline के employees को एक internal message भेजा जिसमें उन्होंने सीधे शब्दों में कहा कि बहुत सारी international flights अब “unprofitable” हो गई हैं।
उनका कहना था कि इन्हें जारी रखना घाटे को और बढ़ाएगा।
कितना बड़ा है घाटा?
Air India Group का वित्तीय वर्ष 2025-26 (जो 31 मार्च 2026 को समाप्त हुआ) में अनुमानित घाटा 22,000 करोड़ से अधिक रहा है। यह एक बड़ी चिंताजनक संख्या है — खासकर तब जब Tata Group ने 2022 में Air India का अधिग्रहण करने के बाद airline को rebuild करने में अरबों रुपये निवेश किए हैं।
Airspace बंद होने से क्या हुआ?
West Asia में जारी conflict के कारण कई देशों ने अपना airspace बंद कर दिया है या उस पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। इसका सीधा असर यह है कि Europe, North America और Australia जाने वाली Air India की flights को अब ज़्यादा लंबा रास्ता लेना पड़ रहा है। लंबा रास्ता मतलब ज़्यादा घंटे, और ज़्यादा घंटे मतलब ज़्यादा fuel burn।
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जब fuel पहले से महँगा हो और ऊपर से consumption भी बढ़ जाए — तो equation airline के लिए बेहद नुकसानदायक हो जाता है।
कौन से Routes प्रभावित होंगे?
Economic Times की रिपोर्ट के अनुसार Air India जून 2026 से Europe, North America, Australia और Singapore के routes पर services कम करेगी। यह temporary cutback है, लेकिन इसका असर उन यात्रियों पर पड़ेगा जिन्होंने इन routes पर tickets book किए हैं या करने की planning कर रहे हैं।

यह स्थिति याद दिलाती है 2008 के global oil price crisis की — जब fuel की कीमतें आसमान छूने लगी थीं और दुनियाभर की airlines को अपने routes और schedules में भारी बदलाव करने पड़े थे। उस दौर में कई airlines बंद भी हो गई थीं। Kingfisher Airlines का दर्दनाक अंत भी इसी तरह के financial spiral से शुरू हुआ था।
Tata Group की चुनौती
Air India को Tata Group ने 18,000 करोड़ में खरीदा था और तब से इसे world-class airline बनाने की कोशिश जारी है। नए aircraft, नई services, नई branding — सब कुछ किया गया है। लेकिन global factors — war, fuel prices, airspace restrictions — किसी के control में नहीं होते।
Campbell Wilson जो इस airline के CEO रहे हैं, उनका यह internal message एक बड़े management decision का हिस्सा है — ताकि losses को minimize किया जा सके और airline financially stable रहे।
Passengers को सलाह है कि अगर उन्होंने Air India से May-July के बीच international travel book किया है, तो वो airline से अपनी flight status confirm करें। और अगर alternative arrangements करनी पड़ें, तो जल्द करें।
