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Noida में मज़दूरों का तांडव गाड़ियाँ जलाईं, सड़कें जाम, पत्थरबाज़ी; तीसरे दिन भी जारी रहा उपद्रव

Sectors 1, 60 और 84 में workers का प्रदर्शन बना आगजनी और vandalism — wage hike की माँग को लेकर भड़का गुस्सा, भारी Police Force तैनात

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Noida में मज़दूरों का उपद्रव: गाड़ियाँ जलाईं, सड़कें जाम — Wage Hike को लेकर तीसरे दिन भी जारी हिंसा | Dainik Diary
Noida के Phase 2 Industrial Area में मज़दूरों के प्रदर्शन ने लिया हिंसक रूप — जली गाड़ियाँ और जाम सड़कें बनीं मुसीबत।

सोमवार की सुबह Noida के लिए एक बुरे सपने जैसी थी। Phase 2 industrial area में मज़दूरों का जो प्रदर्शन शुरू हुआ था, वो तीसरे दिन हिंसा में बदल गया। गाड़ियाँ जलाई गईं, पत्थर फेंके गए, सड़कें जाम हो गईं — और हज़ारों आम लोग इस सब के बीच फँसे रहे।

कहाँ-कहाँ भड़की हिंसा?

Sectors 1, 60 और 84 के industrial clusters में workers के बड़े-बड़े groups ने सड़कें block कर लीं। आरोप है कि कुछ लोगों ने वाहनों में आग लगाई, property को नुकसान पहुँचाया और police पर पत्थर फेंके। visuals में जली हुई गाड़ियाँ और धुएँ के बादल साफ दिख रहे थे।

माँग क्या है?

यह प्रदर्शन मुख्यतः hosiery और manufacturing units के workers का है। उनकी माँग है — बेहतर wages और बेहतर working conditions। workers का कहना है कि पड़ोसी राज्य Haryana में उन्हें ज़्यादा तनख्वाह मिलती है — और यही wage disparity इस आक्रोश की सबसे बड़ी वजह है।

Police का जवाब

Police ने कई जगह भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल का इस्तेमाल किया। एक वरिष्ठ police officer ने कहा — “पर्याप्त force तैनात है। हालात को सामान्य करने की कोशिश जारी है।” Sensitive zones में अतिरिक्त personnel भेजे गए हैं।

Noida में मज़दूरों का उपद्रव: गाड़ियाँ जलाईं, सड़कें जाम — Wage Hike को लेकर तीसरे दिन भी जारी हिंसा | Dainik Diary


आम लोगों का हाल — घंटों फँसे रहे

Noida के commuters के लिए यह दिन किसी nightmare से कम नहीं था। कई stretches पर traffic पूरी तरह ठप हो गया। लोग घंटों सड़कों पर फँसे रहे — office जाने वाले, स्कूली बच्चे, और daily wage workers।

मज़दूरों की माँग जायज़ हो सकती है — लेकिन हिंसा और आगजनी का रास्ता किसी भी मुद्दे का हल नहीं होता।