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Nandigram में BJP का ‘किला’ फिर अभेद्य Suvendu Adhikari ने TMC को दिया बड़ा झटका
11 राउंड की मतगणना के बाद Suvendu 80,000+ वोटों के साथ आगे, TMC के Pabitra Kar 64,954 पर पीछे — यह जीत BJP के लिए West Bengal में ऐतिहासिक बदलाव का हिस्सा
West Bengal विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना में Nandigram एक बार फिर भारतीय राजनीति का सबसे चर्चित केंद्र बन गया। BJP नेता Suvendu Adhikari यहाँ से तीसरी बार जीत की ओर बढ़ते दिख रहे हैं — और इस बार उनका अंतर पहले से कहीं बड़ा है।
11 राउंड की मतगणना के बाद Suvendu Adhikari के खाते में 80,000 से ज़्यादा वोट आ चुके हैं। TMC की उम्मीदवार Pabitra Kar 64,954 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर हैं, जबकि CPI के Santi Gopal Giri महज़ 2,286 वोटों के साथ काफी पीछे हैं।
वो सीट जो BJP का ‘गढ़’ बन चुकी है
Nandigram एक ऐसी सीट है जो West Bengal की राजनीति में विशेष दर्जा रखती है। 2007 में यहाँ हुए पुलिस firing में 14 ग्रामीणों की मौत ने पूरे देश को हिला दिया था और उसी आंदोलन ने Mamata Banerjee को सत्ता की राह दिखाई थी।
लेकिन 2021 में यही सीट Adhikari ने खुद Mamata Banerjee को हराकर जीती — सिर्फ 1,956 वोटों के अंतर से। 2016 में उनका vote share 65-67% तक था। और अब 2026 में वो इस सीट पर और मज़बूत दिख रहे हैं।
BJP ने पिछले 5 साल में Nandigram में अपना संगठन और भी मज़बूत किया है। पार्टी अब constituency की 17 ग्राम पंचायतों में से 11 और दोनों पंचायत समितियों पर काबिज़ है।
TMC की रणनीति — ‘अपने ही’ से लड़ाओ
इस बार TMC ने एक चतुर दाँव खेला। Pabitra Kar — जो कभी Adhikari के करीबी और BJP सदस्य थे — को TMC का उम्मीदवार बनाया गया। Kar उम्मीदवारी की घोषणा से महज़ कुछ घंटे पहले TMC में शामिल हुए। इस मुकाबले को स्थानीय नेताओं ने “Bhumiputra vs Bhumiputra” की लड़ाई कहा। लेकिन मतदाताओं ने अपना फैसला Adhikari के पक्ष में सुनाया।

बड़ी तस्वीर — BJP का ऐतिहासिक उभार
Nandigram की यह जीत एक बड़े तूफान का हिस्सा है। West Bengal में BJP 200 सीटों के करीब पहुँचती दिख रही है — जो राज्य में पार्टी का अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन होगा। Adhikari ने इस नतीजे को “Hindu consolidation” का परिणाम बताया और TMC पर तीखा हमला बोला।
Adhikari इस चुनाव में दो सीटों — Nandigram और Bhabanipur — से लड़ रहे हैं। Bhabanipur में उनका मुकाबला Mamata Banerjee से है, और वहाँ के नतीजे अभी भी बदल रहे हैं।
Nandigram की यह जीत Adhikari की राजनीतिक ताकत को एक बार फिर साबित करती है — और West Bengal में सत्ता परिवर्तन की संभावना को और पुख्ता बनाती है।
