World News
तेल संकट के बीच UAE पहुंचे Narendra Modi LPG से डिफेंस तक हुए बड़े समझौते, भारत को मिल सकती है बड़ी राहत
अबू धाबी दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूएई राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा साझेदारी और निवेश को लेकर कई अहम समझौते हुए।
मध्य पूर्व में जारी तनाव और बढ़ते वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi का United Arab Emirates (UAE) दौरा कई मायनों में बेहद अहम माना जा रहा है।
अबू धाबी की इस छोटी लेकिन महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान भारत और UAE के बीच ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग और व्यापार को लेकर कई बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। ऐसे समय में जब देश में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर चिंता बढ़ रही है, यह दौरा भारत के लिए राहत की खबर लेकर आया है।
LPG और पेट्रोलियम भंडार पर बड़ा समझौता
सूत्रों के मुताबिक, इस यात्रा के दौरान Liquefied Petroleum Gas (LPG) सप्लाई और रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार को लेकर अहम MoU साइन किए गए।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत को भविष्य में ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। खासकर उस समय जब मध्य पूर्व में युद्ध और तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
और भी पढ़ें : सीएनएन के संस्थापक टेड टर्नर का निधन, 87 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा
भारत लंबे समय से अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए खाड़ी देशों पर निर्भर रहा है और UAE इस क्षेत्र में उसका सबसे भरोसेमंद साझेदार माना जाता है।
डिफेंस पार्टनरशिप को भी मिली मजबूती
प्रधानमंत्री मोदी और Mohamed bin Zayed Al Nahyan के बीच हुई बैठक में रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर भी सहमति बनी।
दोनों देशों ने द्विपक्षीय रणनीतिक रक्षा साझेदारी के लिए एक नया ढांचा तैयार करने पर समझौता किया। माना जा रहा है कि इससे समुद्री सुरक्षा, रक्षा तकनीक और क्षेत्रीय स्थिरता के क्षेत्र में सहयोग बढ़ेगा।
विशेषज्ञों के मुताबिक, हिंद महासागर और खाड़ी क्षेत्र में बदलते हालात को देखते हुए भारत और UAE की यह साझेदारी आने वाले समय में और ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकती है।
भारत में 5 अरब डॉलर का निवेश
इस दौरे की एक और बड़ी उपलब्धि भारत में करीब 5 अरब डॉलर के निवेश को माना जा रहा है।
यह निवेश भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर, RBL Bank और Samman Capital जैसे क्षेत्रों में किया जाएगा। इससे भारत में रोजगार और विकास परियोजनाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितता के बीच विदेशी निवेश का यह भरोसा भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाता है।
गुजरात में बनेगा शिप रिपेयर क्लस्टर
भारत और UAE के बीच गुजरात के द्वारका जिले के वाडिनार में शिप रिपेयर क्लस्टर स्थापित करने को लेकर भी समझौता हुआ।

इस परियोजना को समुद्री व्यापार और लॉजिस्टिक्स के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। इससे गुजरात को एक बड़े समुद्री हब के रूप में विकसित करने में मदद मिल सकती है।
Hormuz को लेकर पीएम मोदी का बड़ा संदेश
अबू धाबी में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत हर परिस्थिति में UAE के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।
उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए भारत हर संभव सहयोग देगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि Hormuz Strait को खुला रखने को लेकर भारत की चिंता इसलिए भी अहम है क्योंकि दुनिया के बड़े हिस्से का तेल इसी समुद्री मार्ग से गुजरता है। अगर यहां कोई बाधा आती है तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
भारत-UAE रिश्तों को मिली नई ताकत
पीएम मोदी की यह यात्रा सिर्फ कूटनीतिक औपचारिकता नहीं थी, बल्कि यह दिखाती है कि भारत और UAE अब रणनीतिक साझेदार के तौर पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
ऊर्जा, रक्षा, व्यापार और निवेश — हर क्षेत्र में दोनों देशों के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं और इसका फायदा आने वाले वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा दोनों को मिल सकता है।
