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Dilip Ghosh का Bengal में बड़ा वादा: “BJP आई तो UP जैसे Encounters होंगे” — TMC बोली, “यहां नहीं चलेगा”

Kharagpur की चुनावी सभा में BJP नेता ने Mamata सरकार पर साधा निशाना — Kolkata Mayor Firhad Hakim ने दिया करारा जवाब

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Dilip Ghosh का Bengal में बड़ा वादा: UP जैसे Encounters — TMC बोली "यहां नहीं चलेगा" | Dainik Diary
Kharagpur की चुनावी सभा में BJP नेता Dilip Ghosh ने "UP-style encounters" का वादा किया — TMC ने इसे extra-judicial violence करार दिया। (फाइल फोटो)

West Bengal के चुनावी माहौल में एक बयान ने सियासी आग लगा दी है। BJP के वरिष्ठ नेता और पार्टी के पूर्व राज्य अध्यक्ष Dilip Ghosh ने गुरुवार को Kharagpur में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए ऐलान किया कि अगर BJP सत्ता में आई, तो West Bengal की पुलिस का पूरा चरित्र बदल जाएगा — और यह बदलाव होगा “Uttar Pradesh-style encounters” के रूप में।

वो भाषण जिसने तूफान खड़ा कर दिया

PTI के मुताबिक Ghosh ने कहा —

“4 मई के बाद सब कुछ बदल जाएगा। जो पुलिस आज mafias के साथ चाय पीती है और भ्रष्ट नेताओं की ‘chamcha’ बनी हुई है — वही पुलिस Uttar Pradesh की तरह encounters करेगी और अपराधियों को जेल भेजेगी।”

Ghosh ने आरोप लगाया कि Trinamool Congress की सरकार में West Bengal की पुलिस पूरी तरह Mamata Banerjee सरकार के इशारे पर चलती है और अपराधियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती।

UP का ‘Encounter Model’ — तारीफ या विवाद?

Uttar Pradesh में CM Yogi Adityanath की सरकार अपनी “encounter policy” को एक बड़ी सफलता के तौर पर पेश करती है। लेकिन आलोचक इसे पुलिस के judge, jury और executioner एक साथ बन जाने का खतरनाक उदाहरण भी मानते हैं। Ghosh का यह बयान इसी मॉडल को Bengal में लागू करने का वादा था — जिसने राजनीतिक बहस छेड़ दी।

TMC का पलटवार — “यहां नहीं चलेगा”

Ghosh के बयान पर TMC ने कड़ा रुख अपनाया और BJP पर extra-judicial violence को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। Kolkata के Mayor Firhad Hakim ने साफ शब्दों में कहा —

“Encounter culture Uttar Pradesh में चलती है, Bengal में नहीं। Election Commission को उनके भाषण पर ध्यान देना चाहिए।”

Ghosh पीछे नहीं हटे — और तेज़ हुए

विवाद के बाद भी Dilip Ghosh ने अपने बयान से पीछे हटने की बजाय और आगे बढ़ने का रास्ता चुना। उन्होंने कहा —

“मैंने Kharagpur में goons और mafias के खिलाफ कई लड़ाइयां लड़ी हैं — और लड़ूंगा भी। लेकिन शायद इस बार ज़रूरत न पड़े। जैसे ही BJP आएगी, हर अपराधी पकड़ा जाएगा।”

Dilip Ghosh का Bengal में बड़ा वादा: UP जैसे Encounters — TMC बोली "यहां नहीं चलेगा" | Dainik Diary


उन्होंने यह भी कहा कि उन पर हथियारों से डराने-धमकाने के झूठे मुकदमे दर्ज किए गए — और चुनौती दी कि जिनमें हिम्मत हो, वो सामने आएं।

Election Commission से भी की शिकायत

उसी दिन सुबह एक चाय-बैठक में Ghosh ने कहा कि West Bengal की पुलिस मुख्यमंत्री के अवैध cutouts और billboards हटाने से भी डरती है। उन्होंने Election Commission से मांग की कि चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराए जाएं।

Bengal की राजनीति का असल समीकरण

West Bengal विधानसभा में 294 सीटें हैं। पिछले चुनाव में BJP ने 77 सीटें जीती थीं — 2016 के मुकाबले जब सिर्फ तीन सीटें मिली थीं। बावजूद इसके TMC ने सत्ता अपने पास रखी। अब Mamata Banerjee चौथी बार की सत्ता की तलाश में हैं — 2011 में Left Front को हराकर जो सफर शुरू हुआ था, वो अभी भी जारी है।

Kharagpur Sadar सीट से Ghosh 2016 से 2019 तक विधायक रहे हैं — और इस बार फिर उन्हें यहीं से मैदान में उतारा गया है। यह सीट Bengal में BJP की शुरुआती पकड़ का प्रतीक मानी जाती है।

Dainik Diary इस चुनावी घमासान पर नज़र बनाए हुए है।