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Asha Bhosle ने क्यों छोड़ा R.D. Burman का साथ? शराब की लत, अकेलापन और टूटे सपनों की दर्दनाक कहानी
Pancham Da के जीवन के आखिरी साल बेहद तकलीफदेह रहे, Lata Mangeshkar ने कहा था ‘वो बहुत unhappy मरे’ – Asha Bhosle के निधन के बाद फिर चर्चा में आई यह दास्तां
भारतीय संगीत की दो महान आत्माओं – Asha Bhosle और R.D. Burman – की प्रेम कहानी आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है। उनकी जोड़ी ने Hindi cinema को कुछ ऐसे नगमे दिए जो दशकों बाद भी उतने ही ताजे लगते हैं। लेकिन इस खूबसूरत संगीत के पीछे एक ऐसी जिंदगी थी जो बाद के वर्षों में बेहद दर्दनाक हो गई।
12 अप्रैल को 92 साल की उम्र में Asha Bhosle के निधन के बाद पूरा देश उनकी अतुलनीय विरासत को याद कर रहा है। इसी के साथ लोग उनके और Pancham Da के उस अध्याय को भी नए सिरे से देख रहे हैं, जो संगीत, प्रेम और दर्द का एक अनोखा मिश्रण था।
संगीत से शुरू हुआ रिश्ता
Asha Bhosle और R.D. Burman की जोड़ी ने शादी से पहले ही एक बेहद मजबूत creative partnership बना ली थी। Piya Tu Ab Toh Aaja, Dum Maro Dum, Chura Liya Hai Tumne और O Haseena Zulfon Wali जैसे गाने इसी जोड़ी की देन हैं। संगीत की यही समझ उन्हें एक-दूसरे के करीब लाई और 1980 में दोनों ने विवाह कर लिया। वे सिर्फ singer और composer नहीं थे, वे एक-दूसरे की rhythm और creative instinct को पूरी तरह समझते थे।
अलगाव की वजह क्या रही?
जैसे-जैसे वक्त बीता, हालात बदलने लगे। 1980 के दशक के अंत तक Asha Bhosle और R.D. Burman के अलग रहने की खबरें आने लगीं। हालांकि उन्होंने कभी publicly एक-दूसरे पर आरोप नहीं लगाए, फिर भी जो बातें सामने आईं वो दिल को हिला देने वाली थीं।
सबसे अहम कारण बताया जाता है Pancham Da की बढ़ती शराब और smoking की लत। यह addiction उनके personal और professional जीवन दोनों पर भारी पड़ने लगी। किसी भी रिश्ते में addiction एक बड़ी दरार पैदा कर सकती है, और यहां भी यही हुआ। दोनों के बीच भावनात्मक दूरी आती गई, हालांकि परवाह और इज्जत कभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई।
जब industry ने मुंह फेर लिया
R.D. Burman के जीवन का सबसे तकलीफदेह पहलू उनका professional पतन था। 1980 के दशक में वो industry जिसने उन्हें सिर-आंखों पर बिठाया था, नए composers की तरफ मुड़ने लगी। काम मिलना कम होता गया। एक composer के लिए जिसकी पूरी पहचान संगीत से थी, यह बेकारी किसी living death से कम नहीं थी।
Lata Mangeshkar ने 2014 में उनकी birth anniversary पर भावुक होकर कहा था कि Pancham Da “बहुत कम उम्र में और बहुत unhappy होकर मरे।” उन्होंने यह भी कहा था कि इतने gifted composer का लगभग बेरोजगार होना उनके लिए असहनीय था।

Reddit पर एक fan का दर्दनाक दावा
Social media पर एक Reddit user ने दावा किया कि 1980 के दशक में Burman की कई films ने box office पर निराश किया, जिसके बाद producers ने उनसे दूरी बनानी शुरू कर दी। User के मुताबिक उन्हें South film industry में काम ढूंढना पड़ा और यहां तक कि 1942: A Love Story जैसी iconic film के लिए भी उन्हें खुद को prove करना पड़ा।
User ने यह भी कहा कि Burman के आखिरी दिन अकेलेपन, depression और निराशा में बीते और उन्होंने सवाल उठाया कि उनके करीबी दोस्त भी उन्हें उस वक्त क्यों छोड़ गए। यह दावे एक fan की भावनाओं को दर्शाते हैं, लेकिन इन्हें independently verify नहीं किया गया है।
कोई कड़वाहट नहीं, सिर्फ खामोश दर्द
Asha Bhosle और R.D. Burman की कहानी को जो अलग बनाता है वो है उनकी गरिमा। अलगाव के बाद भी कभी कोई public blame game नहीं हुआ, कोई scandal नहीं। यह दो deeply connected लोगों की कहानी है जिन्होंने दर्द, बीमारी और तकलीफ को बड़े private तरीके से जिया।
R.D. Burman का 1994 में मात्र 54 साल की उम्र में निधन हो गया। लेकिन उनका संगीत आज भी हर पीढ़ी में जिंदा है। Asha Bhosle और Pancham Da की कहानी सिर्फ अलगाव की नहीं, बल्कि प्रेम, प्रतिभा, खामोशी और एक ऐसे बंधन की कहानी है जो मुश्किल वक्त में भी टूटा नहीं।
