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China की नई चाल, India का करारा जवाब “काल्पनिक नाम रखने से हकीकत नहीं बदलती”
Ministry of External Affairs ने China के उस कदम को सिरे से खारिज किया जिसमें भारतीय क्षेत्रों को चीनी नाम देने की कोशिश की गई — साथ ही Xinjiang में नए जिले के गठन की भी खबर
China की यह कोई पहली कोशिश नहीं है। वह बार-बार नक्शों में हेरफेर करता है, भारतीय इलाकों को चीनी नाम देता है और दुनिया को यह दिखाने की कोशिश करता है कि ये ज़मीनें उसकी हैं। लेकिन रविवार को India ने एक बार फिर साफ और कड़े शब्दों में यह संदेश दिया — नाम बदलने से ज़मीन नहीं बदलती।
Ministry of External Affairs ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए China के उस कदम को पूरी तरह खारिज कर दिया जिसमें भारतीय क्षेत्र के हिस्सों को “काल्पनिक नाम” देने की कोशिश की गई। MEA का कहना था — “यह कोशिश हकीकत को नहीं बदल सकती।”
Xinjiang में नया ज़िला — इशारा किधर है?
इसी बीच खबरें आईं कि China ने अपने Xinjiang प्रांत में एक नया county यानी जिला स्थापित किया है। यह नया जिला उस इलाके के करीब है जो Afghanistan, Arunachal Pradesh और Pakistan-occupied Kashmir (PoK) की सीमाओं से लगता है।
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यानी एक तरफ China सीमा के पास प्रशासनिक ढांचा खड़ा कर रहा है, दूसरी तरफ भारतीय भूभाग को चीनी नाम देकर अपना दावा जताने की कोशिश कर रहा है। यह दोहरी रणनीति नई नहीं है — Arunachal Pradesh को China “Zangnan” कहता रहा है और वहाँ के कई स्थानों को वह अपने नाम दे चुका है।
India का रुख — न झुकेंगे, न मानेंगे
India का जवाब हमेशा की तरह स्पष्ट रहा। MEA ने कहा कि इस तरह के “fictitious नाम” देने से न तो ज़मीनी हकीकत बदलती है और न ही भारत की संप्रभुता पर कोई असर पड़ता है। Arunachal Pradesh भारत का अभिन्न अंग था, है और रहेगा।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब India और China के बीच सीमा विवाद को लेकर कूटनीतिक बातचीत का एक दौर चल रहा है। लेकिन India ने यह भी साफ कर दिया है कि बातचीत और संप्रभुता — दोनों साथ-साथ चलेंगे।
China की हर चाल का India जवाब देता रहा है और देता रहेगा — चाहे वो नक्शे पर नाम बदलने की हो, या सीमा के पास नए जिले बनाने की।
