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Justin Bieber के ‘सिंपल’ Coachella शो पर छिड़ी बहस क्या म्यूजिक इंडस्ट्री में अब भी है सेक्सिज़्म?
Sabrina Carpenter के भव्य परफॉर्मेंस से तुलना के बाद सोशल मीडिया पर उठे सवाल—पुरुष और महिला कलाकारों के लिए अलग मापदंड?
म्यूजिक फेस्टिवल Coachella इस बार सिर्फ म्यूजिक के लिए नहीं, बल्कि एक नई बहस के लिए भी चर्चा में है।
दरअसल, पॉप स्टार Justin Bieber के लो-की (साधारण) परफॉर्मेंस ने सोशल मीडिया पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—क्या म्यूजिक इंडस्ट्री में आज भी सेक्सिज़्म मौजूद है?
क्या हुआ Coachella में?
Justin Bieber ने इस बार Coachella में एक बेहद सिंपल और मिनिमलिस्ट स्टाइल में परफॉर्म किया।
- कम लाइटिंग
- सीमित स्टेज सेटअप
- बिना ज्यादा डांस या विजुअल इफेक्ट्स
उनका फोकस सिर्फ म्यूजिक और वोकल्स पर था।
दूसरी ओर, Sabrina Carpenter ने एक हाई-एनर्जी और थिएट्रिकल परफॉर्मेंस दी—
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- भव्य सेट
- कोरियोग्राफी
- और शानदार विजुअल्स
सोशल मीडिया पर क्यों छिड़ी बहस?
दोनों परफॉर्मेंस के बाद सोशल मीडिया पर तुलना शुरू हो गई।
कुछ यूजर्स का कहना था:
- Justin Bieber का सिंपल शो भी “आर्टिस्टिक” और “ऑथेंटिक” कहा गया
- जबकि Sabrina Carpenter जैसे कलाकारों से हमेशा “फुल एंटरटेनमेंट पैकेज” की उम्मीद की जाती है
यानी सवाल यह उठा कि क्या पुरुष कलाकारों को कम मेहनत के बावजूद ज्यादा सराहा जाता है?
क्या यह सच में सेक्सिज़्म है?
विशेषज्ञों और फैंस के बीच इस मुद्दे पर अलग-अलग राय सामने आई है:
1. हां, यह डबल स्टैंडर्ड है:
कुछ लोगों का मानना है कि महिला कलाकारों पर ज्यादा दबाव होता है—
- बेहतर दिखना
- ज्यादा परफॉर्म करना
- और लगातार खुद को साबित करना
2. नहीं, यह सिर्फ स्टाइल का फर्क है:
वहीं कुछ लोग कहते हैं कि हर कलाकार का अपना स्टाइल होता है और इसे जेंडर से जोड़ना सही नहीं है।

इंडस्ट्री में पहले भी उठे हैं ऐसे सवाल
यह पहली बार नहीं है जब म्यूजिक इंडस्ट्री में इस तरह की बहस हुई हो।
पहले भी कई महिला कलाकारों ने कहा है कि उन्हें अपने मेल काउंटरपार्ट्स के मुकाबले ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है ताकि उन्हें वही पहचान मिल सके।
Bieber और Sabrina—दोनों की अपनी पहचान
यह भी सच है कि:
- Justin Bieber का स्टाइल हमेशा से ज्यादा इमोशनल और म्यूजिक-केंद्रित रहा है
- जबकि Sabrina Carpenter अपने एनर्जेटिक और विजुअली रिच परफॉर्मेंस के लिए जानी जाती हैं
यानी तुलना करना आसान है, लेकिन दोनों की कला अलग-अलग है।
निष्कर्ष
Coachella का यह विवाद सिर्फ दो कलाकारों की तुलना नहीं, बल्कि एक बड़े मुद्दे की ओर इशारा करता है।
क्या आज भी इंडस्ट्री में पुरुष और महिला कलाकारों के लिए अलग-अलग मापदंड हैं?
इस सवाल का जवाब शायद इतना आसान नहीं है, लेकिन इतना जरूर है कि इस बहस ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
