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दिल्ली-NCR में Raheja Developers पर ED की बड़ी कार्रवाई, मनी लॉन्ड्रिंग केस में छापेमारी
होम बायर्स से कथित धोखाधड़ी और फ्लैट न देने के आरोपों की जांच तेज, कई ठिकानों पर एक साथ रेड
दिल्ली-NCR के रियल एस्टेट सेक्टर में एक बार फिर हलचल मच गई है। Enforcement Directorate (ED) ने शनिवार को Raheja Developers के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ताज़ा छापेमारी की।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई दिल्ली-NCR में कंपनी से जुड़े करीब सात ठिकानों पर की गई। जांच एजेंसी इस मामले में कथित तौर पर होम बायर्स के साथ धोखाधड़ी और प्रोजेक्ट में फ्लैट न देने के आरोपों की जांच कर रही है।
‘Raheja Revanta’ प्रोजेक्ट पर फोकस
ED की यह कार्रवाई खासतौर पर कंपनी के चर्चित प्रोजेक्ट Raheja Revanta से जुड़ी शिकायतों के आधार पर की जा रही है। आरोप है कि कई खरीदारों से पैसा लेने के बावजूद उन्हें समय पर फ्लैट नहीं दिया गया।
ऐसे मामलों में अक्सर खरीदारों की वर्षों की जमा पूंजी फंस जाती है, जिससे वे आर्थिक और मानसिक दोनों तरह से प्रभावित होते हैं।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब ED ने Raheja Developers के खिलाफ कदम उठाया हो। इससे पहले जून 2025 में भी एजेंसी ने इसी मामले में कंपनी के ठिकानों पर छापेमारी की थी।
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मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच
जांच एजेंसी अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस कथित धोखाधड़ी से जुड़े पैसों को अवैध तरीके से इधर-उधर किया गया या उन्हें किसी अन्य माध्यम से “सफेद” बनाया गया।

रियल एस्टेट सेक्टर पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ाने का दबाव बनता है। साथ ही, यह संदेश भी जाता है कि खरीदारों के साथ धोखाधड़ी करने वाली कंपनियों पर सख्त कार्रवाई हो सकती है।
फिलहाल ED की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।
