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ट्रंप की ईरान चेतावनी से बाजार में हलचल, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली

FPIs 25वें दिन भी रहे नेट सेलर, जबकि घरेलू निवेशकों ने 27वें दिन भी बनाए रखा भरोसा

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FPI Selling Continues Amid Trump Iran Warning, DIIs Support Indian Market
ईरान को लेकर ट्रंप की चेतावनी के बाद शेयर बाजार में बढ़ी अस्थिरता, विदेशी निवेशकों की बिकवाली तेज।

वैश्विक तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बढ़ता जा रहा है। Donald Trump द्वारा ईरान को दी गई सख्त चेतावनी के बाद विदेशी निवेशकों (FPIs) की बिकवाली लगातार जारी है, जिससे बाजार में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है।

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने लगातार 25वें दिन भी बिकवाली जारी रखते हुए 8,692 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 27वें दिन भी खरीदारी जारी रखी और करीब 7,980 करोड़ रुपये का निवेश किया

दरअसल, Iran को लेकर ट्रंप के बयान ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने साफ कहा है कि यदि ईरान तय समयसीमा तक उनकी शर्तों को नहीं मानता, तो गंभीर सैन्य कार्रवाई हो सकती है।

और भी पढ़ें  ईरान ने Donald Trump को ‘एस्केलेशन ट्रैप’ में अलौकिक हड़ताल से फँसाया: अमेरिका अब संकट के ‘नर्क’ में

ट्रंप का खास जोर Strait of Hormuz को दोबारा खोलने पर है, जो दुनिया में तेल आपूर्ति का एक अहम मार्ग है। इस इलाके में किसी भी प्रकार का तनाव वैश्विक बाजारों को सीधे प्रभावित करता है।

FPI Selling Continues Amid Trump Iran Warning, DIIs Support Indian Market


अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्रंप ने एक सख्त संदेश में कहा कि अगर ईरान ने समयसीमा का पालन नहीं किया तो “एक पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है।” इस तरह के बयानों ने निवेशकों के बीच डर का माहौल बना दिया है।

इस सप्ताह अब तक FPIs करीब 16,859 करोड़ रुपये की बिकवाली कर चुके हैं, जबकि DIIs ने लगभग 16,069 करोड़ रुपये की खरीदारी की है। पिछले सप्ताह भी यही ट्रेंड देखने को मिला, जहां विदेशी निवेशकों ने 29,425 करोड़ रुपये निकाले, जबकि घरेलू निवेशकों ने लगभग उतनी ही राशि बाजार में लगाई।

अगर पिछले कुछ महीनों का रुझान देखें तो जनवरी में FPIs ने 35,962 करोड़ रुपये की बिकवाली की थी। फरवरी में हालात कुछ सुधरे और उन्होंने 22,615 करोड़ रुपये की खरीदारी की, लेकिन मार्च में फिर से रिकॉर्ड स्तर की बिकवाली हुई, जहां 1.18 लाख करोड़ रुपये के शेयर बेचे गए।

अप्रैल में भी यह सिलसिला जारी है और अब तक करीब 37,944 करोड़ रुपये की बिकवाली हो चुकी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक मध्य पूर्व में तनाव कम नहीं होता, तब तक विदेशी निवेशकों का रुख सतर्क ही रहेगा। ऐसे में फिलहाल भारतीय बाजार को घरेलू निवेशकों का ही सहारा बना हुआ है।

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