Connect with us

International News

कौन थीं Neelam Shinde? 14 महीने की जंग के बाद US में भारतीय छात्रा की मौत, अंगदान से दी नई ज़िंदगी

महाराष्ट्र के छोटे से गांव से अमेरिका तक का सफर, एक हादसे ने बदल दी जिंदगी; निधन के बाद भी इंसानियत की मिसाल बनीं नीलम

Published

on

Who Was Neelam Shinde? Indian Student in US Dies After 14-Month Coma, Donates Organs
नीलम शिंदे: 14 महीने तक कोमा में रहने के बाद भी अंगदान से कई जिंदगियों को दिया नया जीवन

सपनों को पूरा करने के लिए हजारों किलोमीटर दूर गई एक भारतीय छात्रा की कहानी अब भावुक कर देने वाली मिसाल बन गई है। 35 वर्षीय नीलम शिंदे, जो अमेरिका में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही थीं, ने 14 महीने तक कोमा में रहने के बाद आखिरकार दम तोड़ दिया।

महाराष्ट्र के सतारा जिले के कराड तालुका के वडगांव (उंब्रज) की रहने वाली नीलम शिंदे एक साधारण परिवार से थीं, लेकिन उनके सपने बड़े थे। अपनी मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने अमेरिका के California State University में इंजीनियरिंग में मास्टर्स के अंतिम वर्ष तक का सफर तय किया।

उनकी जिंदगी ने फरवरी 2025 में एक दर्दनाक मोड़ लिया। 14 फरवरी को, जब वह कैलिफोर्निया में रोज की तरह शाम की सैर पर निकली थीं, तभी एक तेज रफ्तार गाड़ी ने उन्हें टक्कर मार दी। यह दिन उनके परिवार के लिए पहले से ही भावुक था, क्योंकि यह उनकी मां की पहली पुण्यतिथि के दो दिन बाद का समय था।

और भी पढ़ें  ईरान ने Donald Trump को ‘एस्केलेशन ट्रैप’ में अलौकिक हड़ताल से फँसाया: अमेरिका अब संकट के ‘नर्क’ में

हादसे में नीलम को सिर में गंभीर चोटें आईं। उन्हें तुरंत सैक्रामेंटो स्थित UC Davis Medical Center ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी सर्जरी की। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद वह कभी होश में नहीं आ सकीं और 14 महीनों तक कोमा में रहीं।

Who Was Neelam Shinde? Indian Student in US Dies After 14-Month Coma, Donates Organs


इस लंबे संघर्ष के बाद नीलम ने दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन जाते-जाते उन्होंने कई लोगों को नई जिंदगी दे दी। उनके परिवार ने अंगदान का फैसला लिया, जिससे कई जरूरतमंद मरीजों को जीवनदान मिला।

नीलम शिंदे की कहानी सिर्फ एक हादसे की नहीं, बल्कि संघर्ष, उम्मीद और मानवता की मिसाल है। एक छोटे से गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पढ़ाई करना और फिर अपने जीवन के अंतिम क्षणों में भी दूसरों के लिए उम्मीद बन जाना—यह उन्हें हमेशा यादगार बना देता है।

आज नीलम भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका यह “गिफ्ट ऑफ लाइफ” हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगा।