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Telangana और Andhra Pradesh में पेट्रोल पंपों पर हड़कंप, अफवाहों ने बढ़ाई भीड़

2-3 गुना बढ़ी बिक्री के बाद अधिकारियों की अपील—“घबराकर पेट्रोल भरवाना बंद करें, कोई कमी नहीं”

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अफवाहों के चलते तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारें

तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई शहरों में अचानक पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं। लोगों में यह डर फैल गया कि जल्द ही ईंधन की कमी हो सकती है, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग अपने वाहनों के टैंक फुल कराने के लिए पहुंचने लगे।

हालांकि, इस पूरे मामले पर अब आधिकारिक बयान सामने आ चुका है। Telangana Petroleum Dealers Association और AP Federation of Petroleum Traders ने साफ कहा है कि राज्यों में पेट्रोल या डीजल की कोई कमी नहीं है और यह सिर्फ अफवाहों का असर है।

अचानक क्यों बढ़ी भीड़?

मंगलवार शाम और बुधवार सुबह Telangana और Andhra Pradesh के कई इलाकों में पेट्रोल पंपों पर असामान्य भीड़ देखी गई।

डीलर्स के अनुसार, सोशल मीडिया और कुछ गलत खबरों की वजह से लोगों में डर फैल गया कि ईंधन की सप्लाई रुक सकती है। इसी डर के चलते लोगों ने जरूरत से ज्यादा पेट्रोल और डीजल खरीदना शुरू कर दिया।

3 गुना तक बढ़ गई बिक्री

डीलर्स एसोसिएशन ने बताया कि इस पैनिक बायिंग के कारण ईंधन की बिक्री सामान्य से 2.5 से 3 गुना तक बढ़ गई

इस अचानक बढ़ी मांग के कारण कुछ पेट्रोल पंपों पर अस्थायी रूप से स्टॉक खत्म होने की स्थिति भी बन गई, जिससे लोगों का डर और बढ़ गया।

Guajrat fuel shortage


क्या सच में है ईंधन की कमी?

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि:

  • देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है
  • सप्लाई चेन पूरी तरह सामान्य रूप से काम कर रही है
  • सभी बड़ी कंपनियों के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है

Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum जैसी कंपनियां लगातार ईंधन की आपूर्ति बनाए हुए हैं।

विजयवाड़ा में ज्यादा असर

Vijayawada में इस पैनिक बायिंग का असर सबसे ज्यादा देखा गया। हालांकि, आंध्र प्रदेश के अन्य हिस्सों में स्थिति अपेक्षाकृत सामान्य रही।

सरकार और डीलर्स की अपील

डीलर्स और अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि:

  • अफवाहों पर ध्यान न दें
  • जरूरत के हिसाब से ही ईंधन खरीदें
  • पेट्रोल या डीजल को अवैध कंटेनरों में स्टोर न करें

उन्होंने कहा कि घबराकर खरीदारी करने से ही अस्थायी कमी की स्थिति बनती है, जबकि असल में कोई संकट नहीं होता।

क्या सीख मिलती है?

यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि अफवाहें किस तरह बड़े पैमाने पर असर डाल सकती हैं।

सोशल मीडिया पर फैली गलत जानकारी ने लोगों को इतना प्रभावित किया कि उन्होंने बिना जांचे-परखे बड़ी मात्रा में ईंधन खरीदना शुरू कर दिया।

ऐसे मामलों में जरूरी है कि लोग केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और संयम बनाए रखें।

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