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सोशल मीडिया पर ट्रोल, मैदान पर हीरो! Venkatesh Iyer ने बल्ले से दिया ऐसा जवाब कि आलोचक भी रह गए चुप
IPL 2026 में आलोचनाओं और ऑनलाइन ट्रोलिंग का सामना करने वाले वेंकटेश अय्यर ने शानदार प्रदर्शन से साबित किया कि असली जवाब सोशल मीडिया पर नहीं, मैदान पर दिया जाता है।
नई दिल्ली: क्रिकेट की दुनिया में जितनी तेजी से खिलाड़ी स्टार बनते हैं, उतनी ही तेजी से उन्हें आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ता है। IPL 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के ऑलराउंडर वेंकटेश अय्यर के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। पिछले सीजन के खराब प्रदर्शन के कारण सोशल मीडिया पर लगातार निशाने पर रहने वाले इस खिलाड़ी ने आखिरकार अपने बल्ले से ऐसा जवाब दिया, जिसने आलोचकों की बोलती बंद कर दी।
IPL 2026 में RCB ने लीग चरण से लेकर फाइनल तक शानदार क्रिकेट खेलते हुए लगातार दूसरी बार खिताब अपने नाम किया। लेकिन टीम की इस सफलता के बीच वेंकटेश अय्यर को सोशल मीडिया पर लगातार आलोचना और ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा।
खराब दौर ने बनाया निशाना
दरअसल, IPL 2025 में वेंकटेश अय्यर का प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा था। यही वजह थी कि नए सीजन में भी कई क्रिकेट प्रशंसक उन्हें लेकर सवाल उठा रहे थे।
हालांकि, वेंकटेश ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपने खेल पर ध्यान केंद्रित रखा और किसी भी तरह की सार्वजनिक प्रतिक्रिया देने से बचते रहे। उनका मानना था कि खिलाड़ी अपने प्रदर्शन का सबसे बड़ा मूल्यांकन खुद कर सकता है।
उन्होंने साफ कहा कि अगर उनका खेल खराब रहा है तो उन्हें यह बात किसी और से सुनने की जरूरत नहीं है, क्योंकि वह खुद अपनी कमियों को समझते हैं।
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पंजाब के खिलाफ बदली कहानी
RCB के लिए टर्निंग पॉइंट उस मुकाबले में आया जब कप्तान रजत पाटीदार चोट के कारण उपलब्ध नहीं थे। ऐसे समय में टीम को किसी अनुभवी बल्लेबाज की जरूरत थी और वेंकटेश अय्यर ने जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली।
उन्होंने पंजाब किंग्स के खिलाफ नाबाद 73 रन की शानदार पारी खेली। यह सिर्फ एक अर्धशतक नहीं था, बल्कि उनके आत्मविश्वास की वापसी का संकेत भी था।
इस पारी के बाद टीम प्रबंधन ने साफ कर दिया कि वेंकटेश को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखना अब आसान फैसला नहीं होगा।
‘पहली 10 गेंदें सबसे मुश्किल होती हैं’
वेंकटेश अय्यर ने अपनी सफलता का एक दिलचस्प राज भी साझा किया। उनके मुताबिक किसी भी बल्लेबाज के लिए पारी की शुरुआती 10 गेंदें सबसे महत्वपूर्ण होती हैं।
उन्होंने बताया कि जब कोई खिलाड़ी लगातार मैच खेल रहा होता है तो लय बनाए रखना आसान हो जाता है। लेकिन लंबे समय बाद अवसर मिलने पर शुरुआती कुछ गेंदें बेहद चुनौतीपूर्ण होती हैं क्योंकि उसी दौरान बल्लेबाज अपनी लय तलाशता है।
पंजाब के खिलाफ मुकाबले में उन्हें दूसरे छोर पर विराट कोहली का साथ मिला, जिसने दबाव कम करने में बड़ी भूमिका निभाई।
विराट कोहली की मौजूदगी बनी ताकत
वेंकटेश ने स्वीकार किया कि उस मैच में विराट कोहली के साथ बल्लेबाजी करना उनके लिए काफी मददगार साबित हुआ। मजबूत शुरुआत मिलने से उन्हें समय लेकर अपनी लय हासिल करने का मौका मिला।
एक बार जब गेंद बल्ले के बीचोंबीच आने लगी तो उन्होंने बाकी चीजों के बारे में सोचना बंद कर दिया और सिर्फ गेंद पर ध्यान केंद्रित किया। यही वह पल था जहां से उनकी पारी ने मैच का रुख बदल दिया।

क्रिकेट विशेषज्ञों का भी मानना है कि बड़े खिलाड़ियों की मौजूदगी युवा या दबाव में चल रहे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती है।
ट्रोलिंग नहीं, रवैया तय करता है भविष्य
सोशल मीडिया के दौर में खिलाड़ियों को लगातार प्रशंसा और आलोचना दोनों का सामना करना पड़ता है। लेकिन वेंकटेश अय्यर का मानना है कि खिलाड़ी के हाथ में केवल उसकी मेहनत और उसका रवैया होता है।
उन्होंने कहा कि अच्छा प्रदर्शन करो तो लोग बात करेंगे, खराब खेलो तब भी लोग बात करेंगे। ऐसे में जरूरी यह है कि खिलाड़ी अपनी सोच सकारात्मक रखे और मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करे।
RCB के ड्रेसिंग रूम के माहौल की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि टीम ने हमेशा उन्हें अपनापन महसूस कराया। यही कारण रहा कि मुश्किल दौर में भी उनका आत्मविश्वास नहीं टूटा।
RCB की सफलता में निभाई अहम भूमिका
सीजन के शुरुआती चरण में भले ही वेंकटेश अय्यर चर्चा का केंद्र नहीं थे, लेकिन जैसे-जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ा, उन्होंने खुद को साबित कर दिया। उनकी उपयोगी पारियों और ऑलराउंड प्रदर्शन ने RCB की खिताबी यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
यह कहानी सिर्फ एक खिलाड़ी की वापसी नहीं है, बल्कि यह भी दिखाती है कि आलोचनाओं के बीच धैर्य और मेहनत किस तरह सफलता का रास्ता तैयार करते हैं।
वेंकटेश अय्यर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि क्रिकेट में असली जवाब ट्वीट, पोस्ट या कमेंट से नहीं, बल्कि रन और प्रदर्शन से दिया जाता है।

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