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सीमा पार दर्द की दास्तान… 9 महीने गर्भवती Sunali Khatun आखिर 6 महीने बाद भारत लौटीं, माँ बोली– ‘वो रो रही थी… मैं डर गई थी’

Delhi Police की हिरासत से लेकर Bangladesh की जेल और फिर सुप्रीम कोर्ट के आदेश तक—Birbhum की बेटी की घर वापसी ने उठाए कई सवाल

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Sunali Khatun Returns to India After Six-Month Ordeal | Full Story | Dainik Diary
मालदा सीमा पर भावुक पल—छह महीनों की जद्दोजहद के बाद गर्भवती सुन्नाली भारत लौटीं, परिवार की आँखें नम।

बिरभूम की रहने वाली Sunali Khatun, जो 9 महीने 12 दिन की गर्भवती हैं, आखिरकार छह महीनों की दर्दनाक जद्दोजहद के बाद शुक्रवार शाम भारत लौट आईं। यह वही महिला हैं जिन्हें June 17 को Delhi Police ने “अवैध प्रवासी” समझकर हिरासत में लिया था, फिर BSF ने सीमा पार Bangladesh भेज दिया और वहाँ उन्हें “ग़ैर-क़ानूनी प्रवेश” के आरोप में जेल भी जाना पड़ा।

मालदा सीमा पर लौटते ही रो पड़ी सुन्नाली, TMC नेताओं ने किया स्वागत

शाम 7 बजे, मालदा के Mahadipur border से भारत में प्रवेश करते ही सुन्नाली और उनके 8 वर्षीय बेटे Shabir को Zilla Parishad की सभाधिपति Lipika Ghosh सहित कई Trinamool Congress कार्यकर्ताओं ने रिसीव किया।
स्थिति नाज़ुक देखते हुए अधिकारियों ने उन्हें तुरंत Malda Medical College and Hospital ले जाया, जहाँ डॉक्टरों ने उनकी हालत का मूल्यांकन किया।

उनकी माँ Jyotsna ने कहा,
“फोन पर जब आख़िरी बार बात हुई, वह रो रही थी… मुझे उसकी तबीयत को लेकर बहुत डर लग रहा था।”

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Bangladesh में मेजबानी करने वाले दंपति की भावुक कहानी

Bangladesh के Chapai Nawabganj में रहने वाले फ़ारूक़ और Mumtaj Hossain, जिन्होंने सुन्नाली को जेल से बेल मिलने के बाद अपने घर में रखा, ने बताया कि वहाँ के डॉक्टर labour induce करने वाले थे।
लेकिन जैसे ही Border Guard Bangladesh (BGB) ने आदेश दिया कि सुन्नाली को तुरंत BSF को सौंपा जाए, सारी मेडिकल योजनाएँ रोक दी गईं।

पति अभी भी Bangladesh में अटके

सुन्नाली के पति Danish Sk अभी भी बांग्लादेश में ही हैं और उनके साथ बिरभूम की ही रहने वाली Sweety Biwi और उनके दो बेटे भी repatriation प्रक्रिया पूरी होने का इंतज़ार कर रहे हैं।

छह लोग deport हुए—वो भी Aadhaar होते हुए

उनके वकीलों का दावा है कि छह लोगों को June 26 को deport कर दिया गया, जबकि उनके पास Aadhaar और अन्य पहचान पत्र मौजूद थे।
गुज़र-बसर के लिए वे दिल्ली में कचरा बीनने का काम करते थे।

Supreme Court ने जताई नाराज़गी—‘आज ही वापस लाएँ’

Dec 3 को Supreme Court ने सख़्त निर्देश दिया था कि सुन्नाली को “दिन के भीतर” भारत वापस लाया जाए।
इसके बावजूद देरी होने पर उनके वकील ने Chief Justice of India Surya Kant और Justice Joymalya Bagchi की पीठ के समक्ष तत्काल सुनवाई की माँग की।

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आख़िरकार 3:30 PM के आसपास चीज़ें आगे बढ़ीं—BGB टीम और भारतीय दूतावास के अधिकारी Chapai Nawabganj पहुँचे, और सुन्नाली को escort करते हुए सीमा तक लाया गया।

Birbhum प्रशासन ने की विशेष तैयारी

Rampurhat के मुख्य चिकित्सा अधिकारी Sovan De ने कहा कि सुन्नाली के सुरक्षित Birbhum पहुँचने के लिए सभी इंतज़ाम पूरे कर लिए गए हैं।
सोशल वर्कर Mofijul Sk, जो Bangladesh में repatriation प्रक्रिया में मदद कर रहे थे, ने बताया कि डॉक्टरों की अनुमति मिलते ही ऐम्बुलेंस उन्हें घर ले जाएगी।

‘गरीब बंगालियों पर अत्याचार उजागर हुआ’ – Samirul Islam

West Bengal Migrant Welfare Board के चेयरमैन Samirul Islam, जिन्होंने सुन्नाली की कानूनी लड़ाई लड़ी, ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा—
“यह एक ऐतिहासिक पल है जिसने गरीब बंगालियों पर हुए अत्याचारों को उजागर कर दिया।”

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