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5 से 10 हज़ार रुपये महंगे हो गए Smartphones — युद्ध और Semiconductor Chip की कमी ने आम आदमी की जेब पर डाला बोझ
January 2026 से लगातार बढ़ रही Semiconductor Chip की कीमतों और global supply chain में बाधाओं की वजह से बजट smartphones अब आम आदमी की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं।
आज से कुछ महीने पहले तक जो smartphone आप 10,000 रुपये में आराम से खरीद लेते थे, वही आज 14,000 रुपये से कम में मिलना मुश्किल हो गया है। और अगर आप 12,000 रुपये से कम का फोन ढूंढने निकलें तो दुकानदार आपको मायूस ही लौटाएगा। यह कोई अफवाह नहीं है, बल्कि Dharamshala समेत देश के तमाम electronics बाज़ारों की यही हकीकत है।
Semiconductor Chip की आग में जल रहा electronics बाज़ार
पूरे electronic market में इन दिनों Semiconductor Chip की बढ़ती कीमतें आफत बनकर आई हैं। Mobile phones से लेकर LED TVs तक, हर device की कीमत आसमान छू रही है। बाज़ार विशेषज्ञों के मुताबिक, 1 January 2026 से chip की कीमतों में लगातार इज़ाफा हो रहा है।
इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि India में इस्तेमाल होने वाले ज़्यादातर chip cards विदेशों से आयात किए जाते हैं। दुनिया में जारी Russia-Ukraine War और Middle East के तनाव की वजह से global supply chain बुरी तरह प्रभावित हुई है। जब raw material का आना रुकता है तो उसका असर सीधे manufacturing cost पर पड़ता है और वह बोझ अंततः आम ग्राहक की जेब पर आ गिरता है।
बिल्कुल वैसे ही जैसे COVID-19 के दौरान 2021 में Apple और Samsung जैसी बड़ी companies को chip shortage की वजह से अपने flagship models की delivery रोकनी पड़ी थी और कीमतें बढ़ानी पड़ी थीं।
Budget phone अब budget में नहीं रहा
यह बात सुनने में अजीब लगती है, लेकिन सच यही है। जो segment कभी middle-class और lower-middle-class के लिए सबसे बड़ा सहारा था, वह “budget phone” category अब ग्राहकों की पहुंच से दूर होती जा रही है।
पहले 8,000 से 12,000 रुपये में एक decent smartphone मिल जाता था जिसमें अच्छा camera, battery और performance होती थी। अब उसी quality के लिए 14,000 से 16,000 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। Premium और mid-range models में यह बढ़ोतरी और भी ज़्यादा है।
इसका सीधा नतीजा यह है कि लोग नया phone खरीदने के बजाय पुराने को ही repair कराकर चला रहे हैं। Second-hand phone market में भी इन दिनों खासी गर्मी देखी जा रही है।

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Kotwali Bazaar के दुकानदार Vinod बोले, 15 ग्राहक आए, एक भी नहीं खरीदा
Dharamshala के Kotwali Bazaar में mobile store चलाने वाले दुकानदार Vinod ने बताया कि गुरुवार को करीब 15 ग्राहक phone देखने आए। जब उन्होंने नई कीमतें सुनीं तो बिना खरीदारी किए ही चले गए। यह तस्वीर सिर्फ एक दुकान की नहीं है, बल्कि पूरे mobile segment की है।
Jamanaabad Road, Kangra के salesman Rishu का कहना है कि कीमतें किस्तों में बढ़ रही हैं। हर हफ्ते कुछ न कुछ नया update आता है और हर बार दाम थोड़ा और ऊपर चला जाता है। इससे customers का भरोसा टूट रहा है और दुकानों पर ग्राहकी सुस्त पड़ गई है।
Motorola और दूसरी companies ने भी बढ़ाए दाम
यह सिर्फ local बाज़ार की समस्या नहीं है। Motorola ने हाल ही में अपने popular models Moto G35, Moto G57 Power और Edge 60 Fusion की कीमतों में इज़ाफा किया है। इसके अलावा computer products भी महंगे हो रहे हैं और पुराने laptops की मांग बढ़ती जा रही है।
सिर्फ electronics ही नहीं, युद्ध की मार plastics और textile जैसे sectors पर भी पड़ रही है। Faridabad में jewelry महंगी हो गई है, Hathras में dona-pattal और glasses 25 फीसदी तक महंगे हो गए हैं। मतलब साफ है, यह inflation किसी एक category तक सीमित नहीं है।
आगे क्या होगा?
बाज़ार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर global level पर chip supply जल्द नहीं सुधरी और युद्ध की स्थितियां नहीं थमीं, तो आने वाले महीनों में smartphone की कीमतें और बढ़ सकती हैं। त्योहारी सीजन से पहले अगर यही हाल रहा तो companies के लिए sales targets हासिल करना मुश्किल हो जाएगा।
आम आदमी के लिए संदेश यही है कि अगर phone बदलना ज़रूरी है तो देर न करें, क्योंकि आज जो कीमत है, कल वह और ऊपर जा सकती है।
