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Rockstar Games पर साइबर अटैक: हैकर्स ने दी 14 अप्रैल तक की धमकी, कंपनी बोली—Player Data पूरी तरह सुरक्षित
थर्ड-पार्टी डेटा ब्रीच से सीमित जानकारी लीक, लेकिन यूजर्स की निजी जानकारी पर कोई असर नहीं
दुनिया की जानी-मानी गेमिंग कंपनी Rockstar Games एक बार फिर साइबर हमले की खबरों के चलते चर्चा में है। हाल ही में सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, हैकर्स ने कंपनी के कुछ डेटा तक पहुंच बना ली है और 14 अप्रैल तक फिरौती (ransom) देने की चेतावनी दी है।
हालांकि, कंपनी ने साफ तौर पर कहा है कि इस पूरे मामले का खिलाड़ियों (players) के डेटा पर कोई असर नहीं पड़ा है। एक आधिकारिक बयान में Rockstar Games ने बताया कि यह ब्रीच एक थर्ड-पार्टी पार्टनर के जरिए हुआ, जिसमें केवल सीमित और गैर-महत्वपूर्ण (non-material) कंपनी डेटा ही एक्सेस हुआ है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, कुख्यात हैकर ग्रुप ShinyHunters ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। बताया जा रहा है कि उन्होंने AI-आधारित एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म Anodot के जरिए कंपनी के सिस्टम में सेंध लगाई। इसके माध्यम से उन्होंने Snowflake के डेटा वेयरहाउस तक पहुंच हासिल कर ली।
हैकर्स ने कथित तौर पर ऑथेंटिकेशन टोकन चुराकर सिस्टम में एंट्री की, जो पासवर्ड की तरह काम करते हैं। इसके बाद उन्होंने Rockstar को चेतावनी दी—अगर 14 अप्रैल तक भुगतान नहीं किया गया, तो वे डेटा सार्वजनिक कर देंगे।
हालांकि, शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह ब्रीच मुख्य रूप से कंपनी के आंतरिक दस्तावेजों तक सीमित हो सकता है, जैसे फाइनेंशियल रिकॉर्ड, मार्केटिंग फाइल्स या बिजनेस एग्रीमेंट्स। इसमें यूजर्स की निजी जानकारी या गेम डेटा शामिल नहीं है।
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गौरतलब है कि Rockstar Games पहले भी 2022 में एक बड़े साइबर अटैक का शिकार हो चुकी है, जब हैकर ग्रुप Lapsus$ ने Grand Theft Auto VI से जुड़े कई वीडियो ऑनलाइन लीक कर दिए थे।
इस बीच, साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स ने कंपनियों को चेतावनी दी है कि वे अपने सिस्टम में इस्तेमाल होने वाले ऑथेंटिकेशन टोकन को समय-समय पर बदलते रहें, क्योंकि लंबे समय तक वैध रहने वाले टोकन सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं।

बता दें कि Rockstar Games की बहुप्रतीक्षित गेम Grand Theft Auto VI 19 नवंबर 2026 को लॉन्च होने वाली है, जो Sony के PlayStation 5 और Microsoft के Xbox Series X/S पर उपलब्ध होगी।
फिलहाल, सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कंपनी हैकर्स की मांग मानेगी या फिर यह मामला किसी बड़े डेटा लीक में बदल सकता है।
