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एप्पल और गूगल की AI डील पर एलन मस्क भड़के बोले Siri के लिए Gemini का इस्तेमाल करना अनुचित है
Apple के AI प्लान और Google Gemini इंटीग्रेशन को लेकर Elon Musk की नाराजगी ने टेक इंडस्ट्री में नई बहस छेड़ दी है
टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। इस बार वजह बने हैं Elon Musk, जिन्होंने Apple और Google के बीच हो रही एक अहम AI डील पर खुलकर नाराजगी जाहिर की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Apple अपने वर्चुअल असिस्टेंट Siri में Google के AI मॉडल Gemini को शामिल करने की योजना बना रहा है।
Elon Musk ने इस फैसले को “Unreasonable” यानी अनुचित बताया है। उनका मानना है कि Apple जैसे ब्रांड को अपनी AI तकनीक पर पूरी तरह नियंत्रण रखना चाहिए, न कि किसी दूसरी कंपनी पर निर्भर रहना चाहिए। मस्क ने इशारों-इशारों में कहा कि अगर यूजर डेटा और AI प्रोसेसिंग किसी बाहरी सिस्टम के पास जाती है, तो प्राइवेसी और सिक्योरिटी से जुड़े सवाल खड़े होना लाज़मी हैं।
क्यों अहम है Apple-Google की यह डील
Apple हाल के महीनों में AI रेस में तेजी से आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है। Chatbots, स्मार्ट असिस्टेंट और ऑन-डिवाइस AI को लेकर कंपनी बड़े बदलाव कर रही है। Gemini जैसे एडवांस्ड AI मॉडल के जुड़ने से Siri पहले से ज्यादा स्मार्ट हो सकती है — बेहतर जवाब, नेचुरल बातचीत और ज्यादा सटीक जानकारी।
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लेकिन Elon Musk को यही बात खटक रही है। उनका तर्क है कि Apple का इकोसिस्टम हमेशा “Closed और Secure” रहा है, ऐसे में Google के AI पर निर्भरता उस पहचान को कमजोर कर सकती है।
टेक वर्ल्ड में दो ध्रुव
एक तरफ Apple और Google जैसी कंपनियां AI पार्टनरशिप को भविष्य का रास्ता मान रही हैं, वहीं दूसरी तरफ Musk जैसे टेक लीडर्स आत्मनिर्भर AI सिस्टम की बात कर रहे हैं। मस्क पहले भी OpenAI, ChatGPT और डेटा से जुड़ी चिंताओं को लेकर खुलकर बोल चुके हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद सिर्फ एक डील तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले समय में AI कंट्रोल और यूजर डेटा को लेकर बड़ी बहस का संकेत है।
यूजर्स पर क्या पड़ेगा असर
अगर Apple सच में Siri में Gemini को शामिल करता है, तो iPhone और iPad यूजर्स को ज्यादा पावरफुल AI अनुभव मिल सकता है। लेकिन साथ ही डेटा शेयरिंग और ट्रस्ट को लेकर सवाल भी बढ़ेंगे। यही वजह है कि Elon Musk की प्रतिक्रिया को हल्के में नहीं लिया जा रहा।
आगे क्या
फिलहाल Apple ने इस डील पर आधिकारिक तौर पर ज्यादा कुछ नहीं कहा है। लेकिन Elon Musk के बयान के बाद यह मुद्दा सिर्फ टेक मीटिंग्स तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यूजर्स और रेगुलेटर्स के बीच भी चर्चा का विषय बनेगा।
