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महंगे तेल से बढ़ सकती है भारत की मुश्किलें! ADB ने जताई चिंता, 2027 तक ऊंचे रह सकते हैं Crude Oil Prices
एशियन डेवलपमेंट बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री अल्बर्ट पार्क बोले— मिडिल ईस्ट संकट लंबा खिंचा तो भारत की GDP और महंगाई दोनों पर पड़ेगा असर
मध्य पूर्व में जारी तनाव का असर अब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) के मुख्य अर्थशास्त्री अल्बर्ट पार्क ने चेतावनी दी है कि कच्चे तेल की कीमतें आने वाले लंबे समय तक ऊंची बनी रह सकती हैं। इसका सीधा असर भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों पर पड़ सकता है।
ADB के मुताबिक, 2026 में कच्चे तेल की औसत कीमत करीब 96 डॉलर प्रति बैरल तक रह सकती है, जबकि 2027 में भी यह लगभग 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रहने की संभावना है।
भारत की GDP पर असर पड़ने का अनुमान
ADB ने कहा है कि लगातार बढ़ती तेल कीमतों की वजह से भारत की आर्थिक विकास दर पर दबाव बढ़ सकता है। बैंक के अनुमान के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में भारत की GDP ग्रोथ लगभग 0.6 प्रतिशत तक घट सकती है।
पहले ADB ने भारत की विकास दर 6.9% रहने का अनुमान लगाया था, लेकिन अब इसे घटाकर करीब 6.3% तक माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयातित तेल और गैस पर निर्भर है। ऐसे में तेल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट, बिजली, उत्पादन और रोजमर्रा की वस्तुओं की लागत बढ़ जाती है।
महंगाई भी बढ़ने की आशंका
तेल की कीमतों में उछाल का असर सिर्फ पेट्रोल-डीजल तक सीमित नहीं रहता। इसका प्रभाव खाने-पीने की चीजों से लेकर उद्योगों तक पहुंचता है। ADB का मानना है कि इस वित्त वर्ष में भारत में महंगाई दर 6.9% तक पहुंच सकती है।
अल्बर्ट पार्क ने कहा कि उर्वरकों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं, जिससे किसानों की लागत बढ़ेगी और खेती प्रभावित हो सकती है। अगर किसान कम खाद इस्तेमाल करेंगे तो फसल उत्पादन में गिरावट आ सकती है, जिसका असर खाद्य पदार्थों की कीमतों पर दिखेगा।
एल नीनो और खाद्य संकट की चिंता
ADB ने एल नीनो के खतरे का भी जिक्र किया है। अगर मौसम खराब रहा और भारत में फसल उत्पादन प्रभावित हुआ, तो वैश्विक खाद्य बाजार में भी बड़ा असर देखने को मिल सकता है।
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भारत दुनिया के सबसे बड़े चावल निर्यातकों में शामिल है। ऐसे में यहां उत्पादन घटने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी खाद्यान्न महंगे हो सकते हैं।

आम लोगों पर क्या होगा असर?
अगर तेल लंबे समय तक महंगा रहा, तो इसका असर आम लोगों की जेब पर भी पड़ेगा। पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं, हवाई यात्रा महंगी हो सकती है और खाने-पीने की चीजों की कीमतों में भी उछाल आ सकता है।
आर्थिक जानकारों का मानना है कि आने वाले महीनों में सरकार के लिए महंगाई को नियंत्रित रखना बड़ी चुनौती होगी।
