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South Korea के राष्ट्रपति Lee Jae Myung आए PM Modi से मिलने $50 Billion Trade का बड़ा लक्ष्य, Shipbuilding से AI तक होगी डील
8 साल बाद South Korea का कोई राष्ट्रपति India आया है State Visit पर — जानिए इस मुलाकात में क्या-क्या बड़ा होने वाला है
नई दिल्ली में आज एक ऐतिहासिक मुलाकात हो रही है। South Korea के राष्ट्रपति Lee Jae Myung Prime Minister Narendra Modi से मिलने New Delhi पहुँचे हैं। यह South Korea की तरफ से India में 8 साल में पहली Presidential State Visit है और इस दौरे के एजेंडे में बहुत कुछ बड़ा है।
$50 Billion Trade का महत्वाकांक्षी लक्ष्य
दोनों देश अपने Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) को और मज़बूत करना चाहते हैं। राष्ट्रपति Lee के एक सलाहकार Wi Sung-lac के मुताबिक, दोनों देशों का लक्ष्य है कि 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा $25.7 billion से लगभग दोगुना करके $50 billion तक पहुँचाया जाए।
Lee Jae Myung ने रविवार को New Delhi में Korean community के साथ एक डिनर में कहा —
“The level of economic cooperation between South Korea and India is still very low. Going forward, we will expand that space and make the relationship between South Korea and India completely different from what it is now.”
यह बयान बताता है कि South Korea अब India के साथ संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए गंभीर है।
Shipbuilding, AI, Finance और Defence चार बड़े मोर्चे
इस दौरे में जिन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर बातचीत होने की उम्मीद है, उनमें शामिल हैं —
Shipbuilding — यह India की job creation की प्राथमिकता से मेल खाता है और South Korea की औद्योगिक ताकत का सबसे मज़बूत पहलू है। Seoul National University’s Asia Center के research fellow Maeng Hyun-chul ने कहा कि यह क्षेत्र दोनों देशों के लिए सबसे स्वाभाविक साझेदारी का रास्ता है।
Artificial Intelligence — तेज़ी से बदलती दुनिया में AI के क्षेत्र में भी दोनों देश मिलकर काम करना चाहते हैं।
Finance और Defence — ये दो ऐसे क्षेत्र हैं जो इस साझेदारी को रणनीतिक गहराई देते हैं।
Iran War और Supply Chain की चुनौती — India क्यों ज़रूरी है South Korea के लिए?
राष्ट्रपति Lee ने कहा कि Iran युद्ध से जुड़ी supply chain की अस्थिरता और वैश्विक आर्थिक दबाव दोनों देशों को “सबसे अहम strategic partners” बनाएगा। उन्होंने India को अब सिर्फ एक consumer market नहीं, बल्कि वैश्विक उत्पादन और supply chain में एक key country बताया।
Naphtha की माँग — Middle East तनाव का असर
पिछले महीने South Korea ने India से naphtha की आपूर्ति बढ़ाने की अर्जेंट गुज़ारिश की थी। Middle East में तनाव के चलते South Korea को अपनी ऊर्जा ज़रूरतों के लिए वैकल्पिक रास्ता चाहिए। पिछले साल India से South Korea के कुल naphtha आयात का करीब 8% हिस्सा आया था।
South Korean Trade Minister Yeo Han-koo के मुताबिक, India से अधिक आयात दोनों देशों के बीच trade imbalance को भी कम करने में मदद करेगा। फिलहाल South Korea के पास India के साथ $12.8 billion का trade surplus है — यानी वो India को जितना बेचते हैं, उसकी तुलना में बहुत कम खरीदते हैं।

Korean Culture और Food Sector भी बनेंगे साझेदारी का हिस्सा
K-Pop और Korean dramas की बढ़ती लोकप्रियता का असर अब trade में भी दिखने लगा है। Maeng Hyun-chul ने कहा कि Korean culture की popularity के चलते food और consumer sectors में भी दोनों देशों के बीच बड़ा अवसर है।
India के बाद Vietnam जाएँगे Lee
Lee Jae Myung का यह दौरा सिर्फ India तक सीमित नहीं है — New Delhi के बाद वो Vietnam रवाना होंगे। यह दौरा South Korea की Asia-centric foreign policy को दर्शाता है।
कुल मिलाकर यह दौरा सिर्फ एक diplomatic मुलाकात नहीं है — यह India और South Korea के रिश्तों को एक नई दिशा देने का मौका है। PM Modi और Lee Jae Myung की यह बातचीत आने वाले वर्षों में दोनों देशों के लिए एक नया अध्याय लिख सकती है।
