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एयरलाइंस को राहत: DGCA ने लंबी उड़ानों के लिए FDTL नियमों में दी अस्थायी ढील
अप्रैल के अंत तक लागू रहेगा फैसला, लंबी दूरी की उड़ानों के संचालन में मिलेगी सहूलियत
भारतीय विमानन क्षेत्र को राहत देते हुए Directorate General of Civil Aviation (DGCA) ने लंबी दूरी की उड़ानों के लिए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों में अस्थायी ढील देने का फैसला किया है।
यह राहत खासतौर पर उन एयरलाइंस के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जो लंबी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन करती हैं और हाल के समय में सख्त नियमों के कारण संचालन में चुनौतियों का सामना कर रही थीं।
कब तक लागू रहेगी यह छूट?
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के संयुक्त सचिव Asangba Chuba Ao ने जानकारी दी कि यह छूट अप्रैल के अंत तक लागू रहेगी।
क्या होता है FDTL नियम?
FDTL (Flight Duty Time Limitation) नियम पायलट और क्रू मेंबर्स के काम करने के समय और आराम की अवधि को तय करते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य उड़ानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और पायलट की थकान को कम करना होता है।
हालांकि, लंबे रूट्स पर इन नियमों के कारण कई बार फ्लाइट शेड्यूलिंग में दिक्कतें आती हैं, जिससे एयरलाइंस को अतिरिक्त क्रू या फ्लाइट री-शेड्यूल करनी पड़ती है।
एयरलाइंस को कैसे मिलेगा फायदा?
DGCA के इस फैसले से एयरलाइंस को:
- लंबी दूरी की उड़ानों के संचालन में अधिक लचीलापन मिलेगा
- क्रू मैनेजमेंट आसान होगा
- फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी की समस्या कम हो सकती है
उदाहरण के तौर पर, यूरोप या अमेरिका जैसे लंबी दूरी के रूट्स पर उड़ान भरने वाली एयरलाइंस अब बेहतर तरीके से अपनी सेवाओं को मैनेज कर सकेंगी।

सुरक्षा पर क्या असर पड़ेगा?
हालांकि नियमों में ढील दी गई है, लेकिन DGCA ने यह भी स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
एयरलाइंस को यह सुनिश्चित करना होगा कि पायलट और क्रू पर्याप्त आराम करें और उड़ानों की सुरक्षा बनी रहे।
आगे क्या?
यह फैसला फिलहाल अस्थायी है, लेकिन अगर इससे एयरलाइंस को राहत मिलती है और संचालन बेहतर होता है, तो भविष्य में इस पर स्थायी बदलाव की संभावना भी बन सकती है।
