Stock Market
शेयर बाजार में फिर गिरावट: West Asia युद्ध के 5वें हफ्ते में Sensex-Nifty 1% लुढ़के, बढ़ा डर
BSE Sensex और Nifty 50 में शुरुआती कारोबार में गिरावट, तेल कीमतों और वैश्विक तनाव का सीधा असर
नई दिल्ली:
West Asia में जारी युद्ध का असर अब भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखने लगा है। सोमवार को बाजार खुलते ही निवेशकों को झटका लगा, जब BSE Sensex और Nifty 50 दोनों ही 1% से ज्यादा गिरकर खुले।
यह लगातार गिरावट ऐसे समय में आई है जब युद्ध अपने पांचवें हफ्ते में पहुंच चुका है और शांति की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही।
बाजार में क्यों आई गिरावट?
इस गिरावट के पीछे कई बड़े कारण हैं:
- West Asia युद्ध: संघर्ष लगातार बढ़ रहा है
- तेल की कीमतें ऊंची: कच्चा तेल महंगा होने से कंपनियों की लागत बढ़ती है
- 🇺🇸 अमेरिकी बाजार का असर: शुक्रवार को US मार्केट में गिरावट का असर एशिया पर पड़ा
इसी कारण एशियाई बाजारों — जापान, दक्षिण कोरिया और हांगकांग — में भी 1% से 3% तक गिरावट देखी गई।
बढ़ा ‘डर का इंडेक्स’
मार्केट में डर और अनिश्चितता का स्तर भी बढ़ गया है।
India VIX, जिसे ‘फियर इंडेक्स’ कहा जाता है, लगभग 6% तक उछल गया और कोविड काल के बाद के उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गया।
इसका मतलब है कि निवेशक आने वाले समय को लेकर ज्यादा चिंतित हैं।
कौन से सेक्टर गिरे, कौन बचा?
- ज्यादातर सेक्टर लाल निशान में रहे
- IT, बैंकिंग, FMCG में गिरावट
- लेकिन मेटल और ऑयल-गैस सेक्टर में हल्की मजबूती
दरअसल, एल्युमिनियम की कीमतों में उछाल के कारण मेटल सेक्टर को सहारा मिला।
एल्युमिनियम की कीमतों में उछाल
West Asia में हमलों के कारण बड़े एल्युमिनियम प्लांट प्रभावित हुए हैं, जिससे सप्लाई कम हो गई है।
नतीजतन:
- एल्युमिनियम की कीमतें 4 साल के उच्च स्तर पर पहुंच गईं
- मेटल कंपनियों के शेयरों में थोड़ी तेजी देखी गई

निवेशकों के लिए क्या संकेत?
इस समय बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है:
- शॉर्ट टर्म में अस्थिरता बनी रहेगी
- लॉन्ग टर्म निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं
- तेल और वैश्विक हालात पर नजर रखना जरूरी है
निष्कर्ष
West Asia का युद्ध अब सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर सीधे आम निवेशकों की जेब पर पड़ रहा है।
BSE Sensex और Nifty 50 की गिरावट यह संकेत देती है कि आने वाले दिनों में बाजार और भी उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है।
ऐसे समय में समझदारी और धैर्य ही निवेशकों के सबसे बड़े हथियार हैं।
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