Stock Market
Sensex और Nifty में आज कैसी होगी शुरुआत? ग्लोबल संकेतों और Wipro के असर से बाजार पर दबाव
मिडिल ईस्ट तनाव में राहत के संकेत, लेकिन कमजोर IT नतीजों और ग्लोबल अनिश्चितता से सीमित रह सकती है तेजी
भारतीय शेयर बाजार आज यानी शुक्रवार को फ्लैट शुरुआत कर सकते हैं। ग्लोबल संकेतों से मिले मिले-जुले रुझानों और कंपनियों के तिमाही नतीजों के बीच निवेशकों की नजरें बाजार की दिशा पर टिकी हैं। जहां एक तरफ पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद से थोड़ी राहत मिल रही है, वहीं दूसरी ओर Wipro के कमजोर नतीजों ने IT सेक्टर पर दबाव बढ़ा दिया है।
GIFT Nifty सुबह 8:06 बजे 24,178 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था, जो संकेत देता है कि Nifty 50 की शुरुआत अपने पिछले बंद 24,196.75 के आसपास ही हो सकती है। यानी बाजार में आज किसी बड़े गैप-अप या गैप-डाउन की संभावना कम दिख रही है।
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली है। शुक्रवार को एशियाई इंडेक्स लगभग 0.6% तक गिर गए, जिसका कारण मिडिल ईस्ट में तेल आपूर्ति को लेकर चिंता और अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर अनिश्चितता है। खासकर होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे अहम तेल मार्ग को लेकर निवेशकों में सतर्कता बनी हुई है।
हालांकि कुछ सकारात्मक संकेत भी सामने आए हैं। लेबनान और इज़राइल के बीच 10 दिनों का संघर्षविराम लागू हुआ है, जिससे क्षेत्रीय तनाव में थोड़ी राहत मिली है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान के साथ अगली बातचीत जल्द हो सकती है।
तेल की कीमतों में भी नरमी देखने को मिली है, जो भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए अच्छी खबर है। ब्रेंट क्रूड करीब 1% गिरकर 98 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है। तेल सस्ता होने से भारत के आयात बिल पर दबाव कम होता है और बाजार को सपोर्ट मिलता है—ठीक वैसे ही जैसे गर्मी में अचानक AC की कूलिंग बढ़ जाए तो बिजली बिल थोड़ी राहत दे देता है।
इसके साथ ही विदेशी निवेशकों (FPI) की खरीदारी भी बाजार को सपोर्ट कर रही है। गुरुवार को FPI ने भारतीय शेयर बाजार में लगभग 3.82 अरब रुपये की खरीदारी की, जो लगातार दूसरे दिन की खरीदारी रही है।

लेकिन दूसरी तरफ IT सेक्टर से आई खबरों ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क कर दिया है। Wipro के कमजोर तिमाही नतीजों और खराब आउटलुक के बाद उसके अमेरिकी लिस्टेड शेयर 4.8% तक गिर गए। कंपनी ने बताया कि अमेरिकी बैंकिंग और वित्तीय ग्राहकों की ओर से खर्च में कमी आई है, जिससे IT सेक्टर पर दबाव बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार फिलहाल एक “कंसोलिडेशन फेज” में है, यानी बड़ी तेजी या गिरावट के बजाय सीमित दायरे में कारोबार हो सकता है। तकनीकी स्तरों के अनुसार, Sensex के लिए 77,400–77,500 का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 78,400–78,600 के बीच रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा स्थिति में निवेशक “वेट एंड वॉच” मोड में हैं। ग्लोबल घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें और कॉरपोरेट नतीजे आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेंगे।
कुल मिलाकर आज बाजार की शुरुआत शांत रहने की संभावना है, लेकिन दिन के दौरान हल्की उतार-चढ़ाव भरी ट्रेडिंग देखने को मिल सकती है।
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