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आंध्र प्रदेश में मिलावटी दूध का कहर: फ्रिज कूलेंट मिल जाने से 13 लोगों की मौत, राजामहेंद्रवरम में मचा हड़कंप

राजाहमुंद्री के दो इलाकों में सप्लाई हुआ जहरीला दूध, जांच में सामने आया कि खराब फ्रीजर से लीक हुआ केमिकल दूध में मिल गया

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आंध्र प्रदेश के राजामहेंद्रवरम में फ्रीजर कूलेंट लीक होने से दूध जहरीला हो गया, जिससे 13 लोगों की मौत हो गई।

आंध्र प्रदेश के Rajamahendravaram (राजाहमुंद्री) से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मिलावटी दूध पीने से अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है और प्रशासन भी मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है।

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दूध में जानबूझकर मिलावट नहीं की गई थी, बल्कि फ्रीजर में इस्तेमाल होने वाला जहरीला कूलेंट लीक होकर दूध में मिल गया, जिससे यह दूध पीने वाले लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।

यह दर्दनाक घटना फरवरी के दूसरे सप्ताह में हुई, लेकिन इसके असर अब तक सामने आ रहे हैं।


कैसे हुआ पूरा हादसा?

यह मामला Rajahmundry के चौदेश्वरी नगर और स्वरूप नगर इलाके से जुड़ा हुआ है। यहां एक दूध सप्लायर रोज सुबह लगभग 100 घरों में दूध पहुंचाता था

जानकारी के अनुसार, 11 से 14 फरवरी के बीच लोगों ने वही दूध इस्तेमाल किया, जिसके बाद कई लोगों को उल्टी, पेट दर्द और पेशाब बंद होने जैसी गंभीर समस्याएं होने लगीं।

लोगों की हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुछ मरीजों की हालत इतनी खराब हो गई कि उनकी किडनी ने काम करना बंद कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।


13वीं मौत के बाद बढ़ी चिंता

इस मामले में हाल ही में 60 वर्षीय महिला बी. वीरलक्ष्मी की मौत हो गई, जो इस घटना की 13वीं शिकार बनीं।

उनके परिजनों के अनुसार, उन्हें 16 फरवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई। डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर भी रखा, लेकिन आखिरकार तीव्र किडनी फेलियर के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

परिवार के सदस्यों ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में खुद को इतना बेबस कभी महसूस नहीं किया था।


जांच में क्या सामने आया?

जांच में जिला प्रशासन और पुलिस के साथ-साथ फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम भी शामिल हुई।

पूर्वी गोदावरी जिले के कलेक्टर ने बताया कि दूध जिस फ्रीजर में रखा जाता था, वह खराब हो गया था। इस फ्रीजर से एक जहरीला तरल पदार्थ लीक हो रहा था।

फॉरेंसिक रिपोर्ट के मुताबिक, यह केमिकल ‘एथिलीन ग्लाइकोल’ (Ethylene Glycol) था।

Ethylene glycol एक ऐसा केमिकल है जिसका इस्तेमाल अक्सर फ्रीजर और कूलिंग सिस्टम में किया जाता है। अगर यह शरीर में चला जाए तो यह किडनी और अन्य अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।

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लोगों ने पहले ही की थी शिकायत

जांच में यह भी सामने आया कि कुछ लोगों ने दूध का स्वाद कड़वा होने की शिकायत दूध सप्लायर से की थी।

दूध सप्लायर ए. गणेश्वर राव ने जब जांच की तो उसे पता चला कि फ्रीजर में कूलेंट लीक हो रहा है। उसने फ्रीजर को ठीक तो करवा लिया, लेकिन इस बारे में किसी को जानकारी नहीं दी।

यही लापरवाही बाद में इतनी बड़ी त्रासदी का कारण बन गई।


पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में दूध सप्लायर गणेश्वर राव को 23 फरवरी को गिरफ्तार कर लिया।

उसके खिलाफ Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita (BNSS) की धारा 194 के तहत मामला दर्ज किया गया है, जो संदिग्ध या अस्वाभाविक मौत से संबंधित है।

पुलिस ने आरोपी के वरलक्ष्मी मिल्क सेंटर पर भी छापा मारा और वहां से फ्रीजर सहित कई उपकरण जब्त कर लिए हैं।


कैसे पहुंचता था दूध घरों तक?

पुलिस जांच में यह भी पता चला कि आरोपी पास के गांवों के डेयरी किसानों से दूध इकट्ठा करता था। इसके बाद वह दूध को फ्रीजर में स्टोर करता और फिर डिब्बों में भरकर हर सुबह शहर की कॉलोनियों में सप्लाई करता था।

फ्रीजर में मौजूद जहरीला कूलेंट दूध और दही में मिल गया, जिसके बाद यह जहरीला मिश्रण कई घरों तक पहुंच गया।


अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं कई लोग

पुलिस के अनुसार, इस घटना में प्रभावित कुछ लोग अभी भी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं।

डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।

यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि खाद्य सुरक्षा और सप्लाई चेन में निगरानी कितनी जरूरी है

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