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Gambhir से भी भिड़ गए Ajit Agarkar Shubman Gill को बाहर किया, Suryakumar को Captain बनाया, और India को दिलाया T20 World Cup 2026
जब पूरी दुनिया Gautam Gambhir की तारीफ कर रही थी, तब पर्दे के पीछे एक शख्स चुपचाप वो फैसले ले रहा था जो Indian cricket की तकदीर बदलने वाले थे — वो शख्स थे Chief Selector Ajit Agarkar।
जब कोई टीम World Cup जीतती है, तो सबसे पहले नाम आता है coach का, captain का — और उनके पीछे खड़े उन लोगों को अक्सर भुला दिया जाता है जिन्होंने वो टीम चुनी थी। India के T20 World Cup 2026 triumph के बाद भी कुछ ऐसा ही हुआ। Gautam Gambhir की तारीफों के पुल बंध गए — और सही भी था। लेकिन इस जीत की असली नींव रखने वाले Ajit Agarkar को वो recognition अभी भी पूरी नहीं मिली जिसके वो हकदार हैं।
BCCI selection committee के chief के तौर पर Agarkar ने कुछ ऐसे फैसले लिए जो उस वक्त controversial थे, जिन पर experts ने सवाल उठाए, fans ने आलोचना की — लेकिन आज जब trophy India के पास है, तो हर फैसला सही साबित हो चुका है।
जब Agarkar ने Gambhir को भी ‘ना’ कह दिया
यह बात थोड़ी हैरान करने वाली है, लेकिन सच है। जब T20 World Cup 2026 squad का चुनाव हो रहा था, तो Shubman Gill को लेकर team management और selection committee के बीच सीधी टकराहट हुई। Gambhir की अगुवाई वाली team management Gill को squad में चाहती थी। लेकिन Agarkar ने साफ मना कर दिया।
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उन्होंने कहा — “आपकी राय अलग हो सकती है, मेरी अलग। हम अभी भी मानते हैं कि वो एक quality player हैं। लेकिन किसी को तो बाहर करना ही था — और वो Gill हैं। इसलिए नहीं कि वो काबिल नहीं, बल्कि इसलिए कि Indian cricket के पास इस वक्त options की कोई कमी नहीं।”
यह सुनने में simple लगता है, लेकिन एक selector के लिए अपने head coach से सीधे असहमत होना — वो भी Gautam Gambhir जैसे aggressive और opinionated शख्स से — आसान नहीं होता। जैसे किसी company में HR head अपने CEO को कह दे कि “नहीं, यह candidate नहीं चलेगा” — और अपनी बात पर डटा रहे।
Gill की जगह squad में Ishan Kishan और Rinku Singh को शामिल किया गया — और यह फैसला बाद में सही साबित हुआ।
Suryakumar को Captain बनाने की लड़ाई
Rohit Sharma जब T20Is से हटे, तो सबके दिमाग में एक ही नाम था — Hardik Pandya। वो already एक बड़ा नाम थे, उनका अनुभव था, उनकी aggressive personality थी। लेकिन Agarkar के दिमाग में कोई और था — Suryakumar Yadav।
शुरुआत में उनके साथी selectors — Subrato Banerjee, S Sharath, Salil Ankola और SS Das — इस idea से convinced नहीं थे। लेकिन Agarkar ने अपनी बात रखी। उन्होंने तर्क दिया कि captain वो होना चाहिए जो हर match में खेले, जो consistently available हो और जो T20 cricket का सबसे बेहतर समझ रखता हो।
“हम चाहते हैं कि captain वो हो जो ज्यादातर games खेले,” उन्होंने कहा। “हमें लगता है कि वो एक deserving candidate हैं।”
धीरे-धीरे बाकी selectors भी राजी हुए — और Suryakumar Yadav India के T20I captain बन गए। आज जब World Cup trophy India के पास है, तो यह फैसला भी इतिहास में दर्ज हो गया।
Ishan Kishan की controversial वापसी
Ishan Kishan का नाम उस वक्त काफी विवादों में था। South Africa series से अचानक withdrawal, central contract से बाहर होना, domestic cricket का drama — यह सब उनके खिलाफ था। लेकिन Agarkar ने फिर एक बार pragmatism दिखाया।

उन्होंने साफ कहा — “वो white-ball cricket में top पर बल्लेबाजी करते हैं। उनकी form अच्छी है। उन्होंने पहले India के लिए खेला है। वो team से बाहर थे क्योंकि Rishabh Pant और Dhruv Jurel उनसे आगे थे — दोनों बेहतरीन players। इसके अलावा कोई और वजह नहीं।”
इस तरह Ishan Kishan की वापसी हुई — और वो squad का हिस्सा बने।
Press Conference से Domestic Cricket तक — बड़े reforms
Agarkar सिर्फ team selection तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने एक और बड़ा कदम उठाया — major selection decisions के बाद press conferences फिर से शुरू करवाईं। पहले selectors अपने फैसलों को लेकर media के सामने आने से बचते थे। Agarkar ने यह परंपरा तोड़ी।
साथ ही players को domestic cricket में वापस भेजने की policy भी उन्हीं की देन है। जैसे किसी बड़े hospital में senior doctor भी junior doctors के साथ rounds पर जाए — वैसे ही Agarkar ने stars को भी grass-roots cricket से जोड़े रखा।
Gambhir का वो बयान जो सब कुछ कह गया
World Cup जीतने के बाद Gautam Gambhir ने एक बात कही जो शायद इस पूरी कहानी का सबसे important हिस्सा है। उन्होंने trophy Ajit Agarkar को dedicate करते हुए कहा —
“मुझे लगता है मुझे यह trophy Ajit Agarkar को dedicate करनी चाहिए, क्योंकि उन्हें बहुत criticism झेलनी पड़ती है। मैं उनकी उस ईमानदारी का शुक्रगुजार हूं जिसके साथ उन्होंने काम किया।”
जब एक head coach — और वो भी Gautam Gambhir जैसा — किसी selector को इस तरह credit दे, तो समझ लीजिए कि वो शख्स कितना अहम रहा होगा।
Ajit Agarkar की कहानी उन सभी के लिए एक सबक है जो सोचते हैं कि पर्दे के पीछे काम करने वालों की कोई value नहीं होती। India का T20 World Cup 2026 जीतना सिर्फ खिलाड़ियों की जीत नहीं है — यह उस selector की भी जीत है जिसने सही वक्त पर सही फैसले लिए और किसी के दबाव में नहीं आया।
