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Dale Steyn का न्यूज़ीलैंड को खुला संदेश “चोकर्स का तमगा अब तुम्हारा है, साउथ अफ्रीका का नहीं”
T20 वर्ल्ड कप 2026 फाइनल से पहले दिग्गज डेल स्टेन और AB डिविलियर्स ने न्यूज़ीलैंड को आईना दिखाया — कहा, भारत को हराना आसान नहीं।
जोहान्सबर्ग/अहमदाबाद। रविवार को अहमदाबाद में T20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल खेला जाएगा — एक तरफ भारत, दूसरी तरफ न्यूज़ीलैंड। लेकिन मैदान पर उतरने से पहले ही न्यूज़ीलैंड को एक ऐसे शख्स ने चुनौती दे दी है जिसकी बात क्रिकेट जगत में गंभीरता से ली जाती है — साउथ अफ्रीका के महान तेज़ गेंदबाज़ डेल स्टेन।
“चोकर्स का ठप्पा अब न्यूज़ीलैंड पर लगाओ”
दशकों से साउथ अफ्रीका को क्रिकेट में “चोकर्स” यानी निर्णायक मौकों पर दम तोड़ने वाली टीम कहा जाता रहा है। लेकिन डेल स्टेन अब इस लेबल से थक चुके हैं — और उन्होंने साफ कह दिया कि अगर कोई असली “चोकर” है, तो वो न्यूज़ीलैंड है।
AB डिविलियर्स के यूट्यूब चैनल पर एक चर्चा के दौरान स्टेन ने बेबाकी से कहा — “देखो, सच बात करें तो न्यूज़ीलैंड ने कितने वर्ल्ड कप जीते हैं? वो हमसे ज़्यादा फाइनल खेल चुके हैं, लेकिन खिताब फिर भी नहीं जीत पाए। तो माफ करना न्यूज़ीलैंड, लेकिन अब यह तमगा आधिकारिक रूप से तुम्हारा है।”
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आंकड़े देखें तो स्टेन की बात में दम है। साल 2000 में ICC नॉकआउट ट्रॉफी जीतने के बाद से न्यूज़ीलैंड आठ ICC फाइनल खेल चुके हैं — लेकिन जीत सिर्फ एक मिली, वो भी 2021 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में, और वो भी भारत के खिलाफ। वाइट-बॉल क्रिकेट में तो उनकी तिजोरी आज भी खाली है।
स्टेन को भारत पर भरोसा
स्टेन ने आगे कहा कि वो चाहते हैं कि न्यूज़ीलैंड जीते — लेकिन उन्हें यकीन नहीं कि वो जीत पाएंगे। उनके शब्द थे — “मैं चाहता हूं कि वो जीतें, लेकिन क्या मुझे लगता है कि वो भारत को हराएंगे? नहीं। इसके लिए भारत को खुद बहुत बड़ा ‘चोक’ करना होगा।”
यह बात अपने आप में बहुत कुछ कह देती है। भारत इस वक्त T20 क्रिकेट की सबसे दमदार टीम है — और घरेलू ज़मीन पर तो उनका रिकॉर्ड और भी शानदार है।
डिविलियर्स बोले — “2015 के लिए आज भी न्यूज़ीलैंड से नफरत है”
AB डिविलियर्स थोड़े और आगे चले गए। उन्होंने 2015 ODI वर्ल्ड कप का ज़िक्र करते हुए कहा कि न्यूज़ीलैंड ने सेमीफाइनल में साउथ अफ्रीका को हराया था — और फिर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से बुरी तरह हार गए।
डिविलियर्स ने बिना लाग-लपेट के कहा — “मुझे इसके लिए न्यूज़ीलैंड से नफरत है। 2015 के फाइनल में वो ऑस्ट्रेलिया को कभी नहीं हरा सकते थे। ऑस्ट्रेलिया को उनकी ज़मीन पर सिर्फ एक टीम हरा सकती थी — और वो साउथ अफ्रीका थी। लेकिन न्यूज़ीलैंड ने हमें सेमीफाइनल में रोक दिया।”
यह बयान सुनकर 2015 वर्ल्ड कप की यादें ताज़ा हो जाती हैं जब ग्रांट इलियट का छक्का साउथ अफ्रीका के सपने तोड़ गया था — और डिविलियर्स मैदान पर रोते नज़र आए थे।
भारत के लिए यह फाइनल कितना अहम?
भारत के लिए यह मौका सोने पर सुहागा है — घरेलू मैदान, अहमदाबाद का विशाल नरेंद्र मोदी स्टेडियम, और सामने एक ऐसी टीम जो फाइनल में अक्सर लड़खड़ा जाती है। रोहित शर्मा, विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ियों के रहते भारत का पलड़ा भारी दिखता है।
लेकिन क्रिकेट में कागज़ पर मैच नहीं जीते जाते — यह बात भी उतनी ही सच है।
रविवार को अहमदाबाद में जो होगा, वो सिर्फ एक मैच नहीं होगा — यह तय होगा कि न्यूज़ीलैंड “चोकर्स” का ठप्पा हटा पाते हैं, या वो तमगा हमेशा के लिए उनके नाम हो जाता है।
