Health
AIIMS की चेतावनी: देश में 57% से ज्यादा मौतों की सबसे बड़ी वजह बन चुकी हैं दिल की बीमारियां
AIIMS की ताज़ा रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता, कम उम्र में हार्ट अटैक और हृदय रोग बन रहे हैं सबसे बड़ा खतरा
देश में बढ़ती मौतों को लेकर AIIMS की ताज़ा रिपोर्ट ने एक गंभीर सच्चाई सामने रखी है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 57.2 प्रतिशत से ज्यादा मौतों की वजह दिल से जुड़ी बीमारियां बन चुकी हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यह आंकड़ा आने वाले वर्षों में और डराने वाला हो सकता है, अगर जीवनशैली में बदलाव नहीं किया गया।
कम उम्र में बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा
AIIMS के विशेषज्ञों के अनुसार अब दिल की बीमारियां सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहीं। 30 से 45 वर्ष की उम्र के लोग भी हार्ट अटैक और कार्डियोवैस्कुलर डिजीज का शिकार हो रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह बदलती लाइफस्टाइल, बढ़ता तनाव और गलत खान-पान है।
दिल की बीमारियों के मुख्य कारण
डॉक्टरों ने दिल की बीमारियों के पीछे कुछ बड़े कारण गिनाए हैं:
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- अत्यधिक तनाव और अनियमित दिनचर्या
- जंक फूड और ज्यादा तला-भुना खाना
- फिजिकल एक्टिविटी की कमी
- स्मोकिंग और शराब का सेवन
- हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज
AIIMS के कार्डियोलॉजिस्ट्स का कहना है कि ये सभी कारण मिलकर दिल पर लगातार दबाव बनाते हैं, जिससे अचानक हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
कोविड के बाद और बढ़ी समस्या
विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि कोविड-19 के बाद दिल से जुड़ी समस्याओं के मामलों में तेजी आई है। कई मरीजों में कोविड के बाद हार्ट मसल्स कमजोर होने और ब्लड क्लॉट की शिकायतें देखी गईं, जो आगे चलकर जानलेवा साबित हो सकती हैं।

डॉक्टरों की सलाह: अभी नहीं संभले तो देर हो जाएगी
AIIMS के डॉक्टरों ने लोगों को समय रहते सतर्क होने की सलाह दी है। उनका कहना है कि:
- रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक या एक्सरसाइज करें
- नमक और चीनी का सेवन सीमित रखें
- नियमित हेल्थ चेकअप कराएं
- स्ट्रेस मैनेजमेंट पर ध्यान दें
डॉक्टरों के अनुसार सही समय पर लाइफस्टाइल में बदलाव करके दिल की बीमारियों से होने वाली मौतों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
एक चेतावनी, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता
AIIMS की यह रिपोर्ट सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि एक साफ चेतावनी है। अगर लोग अब भी अपनी सेहत को लेकर लापरवाह रहे, तो आने वाले सालों में दिल की बीमारियां भारत की सबसे बड़ी “साइलेंट किलर” बन सकती हैं।
