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PM मोदी की सादगी ने जीता दिल NDA सांसदों की कार्यशाला में अंतिम पंक्ति में बैठे
दिल्ली में आयोजित एनडीए सांसदों की कार्यशाला में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सादगीभरा अंदाज चर्चा में रहा, रवि किशन ने इसे भाजपा की असली ताकत बताया।
राजनीति में अक्सर नेताओं की शान-ओ-शौकत की चर्चा होती है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर बार अपने सादगीपूर्ण अंदाज से अलग पहचान बनाते हैं। रविवार को संसद परिसर स्थित जीएमसी बालयोगी सभागार में आयोजित एनडीए सांसदों की कार्यशाला में इसका एक और उदाहरण देखने को मिला।
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कार्यक्रम में पहुंचे पीएम मोदी ने मंच के पास की अगली पंक्ति में बैठने के बजाय पीछे की कतार चुनी। वे एक सामान्य सांसद की तरह अंतिम पंक्ति में बैठे दिखाई दिए। उनके इस कदम ने न केवल वहां मौजूद नेताओं और सांसदों को चौंकाया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि भारतीय जनता पार्टी में हर कार्यकर्ता समान है।
सांसदों को दिए महत्वपूर्ण मंत्र
कार्यशाला के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों को संदेश दिया कि वे अपनी-अपनी क्षेत्रों में जाकर देखें कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही मायनों में जनता तक पहुंच रहा है या नहीं। उन्होंने कहा कि योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करना सांसदों की जिम्मेदारी है ताकि हर जरूरतमंद तक सरकार की पहल पहुंचे।
जीएसटी सुधारों पर पारित हुआ प्रस्ताव
इस कार्यशाला में सांसदों ने जीएसटी सुधारों और हाल में किए गए दरों में कटौती (जीएसटी 2.0) के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद दिया। सांसदों ने कहा कि इस फैसले से आम लोगों को राहत मिली है और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर
पीएम मोदी के पीछे की पंक्ति में बैठने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। लोग उनकी सादगी और विनम्रता की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि यही वजह है कि पीएम मोदी को देश की जनता का इतना प्यार मिलता है।
रवि किशन का बयान
भाजपा सांसद और अभिनेता रवि किशन ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर प्रधानमंत्री की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा – “एनडीए सांसदों की कार्यशाला में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे पीछे की पंक्ति में बैठे। यही भाजपा की ताकत है, जहां संगठन में हर कोई एक कार्यकर्ता है।”
रवि किशन के इस बयान के बाद यह तस्वीर और ज्यादा चर्चा में आ गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम भाजपा के भीतर संगठनात्मक एकता और कार्यकर्ता संस्कृति का प्रतीक है।
भाजपा की पहचान बनी सादगी
यह पहली बार नहीं है जब प्रधानमंत्री मोदी ने अपने व्यवहार से सादगी का संदेश दिया हो। इससे पहले भी वे अचानक दिल्ली मेट्रो या वाराणसी की गलियों में आम लोगों के बीच नजर आ चुके हैं। ऐसे मौके उनकी छवि को एक जमीनी नेता के तौर पर और मजबूत करते हैं।
निष्कर्ष
एनडीए सांसदों की कार्यशाला में पीएम मोदी की सादगी और पीछे की पंक्ति में बैठने की तस्वीर ने भाजपा की संगठनात्मक संस्कृति को उजागर किया है। यह तस्वीर केवल एक दृश्य नहीं बल्कि एक संदेश है – भाजपा में नेता नहीं, बल्कि हर कोई कार्यकर्ता है।

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