Business & Economy
कोलंबिया में निखिल कामथ से छात्र का तीखा सवाल: “MBA बेकार है तो यहां क्यों आए?”
ज़ेरोधा को-फाउंडर के बयान पर मचा विवाद, जवाब में बोले—“यहां सीखने नहीं, नेटवर्किंग के लिए आया हूं”
बिजनेस और एजुकेशन की दुनिया में इस समय एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें Nikhil Kamath को एक छात्र के सवाल का सामना करना पड़ा। यह घटना Columbia Business School की है, जहां एक स्टूडेंट ने उनके MBA को लेकर दिए गए विवादित बयान पर सीधे सवाल कर दिया।
दरअसल, निखिल कामथ ने पहले एक ‘Ask Me Anything’ सेशन में कहा था कि “अगर कोई 25 साल की उम्र में MBA करने जा रहा है, तो वह बेवकूफ है।” इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं।
इसी बयान को लेकर कोलंबिया बिजनेस स्कूल में पढ़ने वाले छात्र Anaheez Patel ने उनसे सवाल किया—“जब आपको लगता है कि MBA की कोई वैल्यू नहीं है, तो आप यहां क्या कर रहे हैं?”
कामथ का जवाब: ‘डिग्री नहीं, लोगों की वैल्यू’
इस सवाल का जवाब देते हुए कामथ ने एक अलग नजरिया पेश किया। उन्होंने कहा कि एक MBA की फीस करीब 3 लाख डॉलर (लगभग 2.5 करोड़ रुपये) होती है और अगर एक क्लास में 500 छात्र हैं, तो यह कुल मिलाकर करीब 90 मिलियन डॉलर का निवेश बनता है।
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे माहौल में आकर उन्हें “भविष्य के अमीर और प्रभावशाली लोगों” से मिलने का मौका मिलता है। यानी उनके मुताबिक MBA की असली वैल्यू पढ़ाई से ज्यादा नेटवर्किंग में है।
छिड़ी नई बहस: पढ़ाई या अनुभव?
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर इस बहस को हवा दे दी है कि आज के दौर में क्या ज्यादा जरूरी है—डिग्री या अनुभव?
कुछ लोग कामथ की बात से सहमत हैं और मानते हैं कि असली सीख काम करने से मिलती है, जबकि कई विशेषज्ञों का कहना है कि MBA सिर्फ पढ़ाई नहीं, बल्कि सोचने का तरीका, लीडरशिप और ग्लोबल एक्सपोजर भी देता है।

बदलती सोच का संकेत
निखिल कामथ के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि अब लोग महंगे एजुकेशन को सिर्फ ज्ञान के नजरिए से नहीं, बल्कि कनेक्शन्स और अवसरों के रूप में भी देखने लगे हैं।
यह घटना 2026 की सबसे चर्चित एजुकेशन डिबेट्स में से एक बन चुकी है, और आने वाले समय में यह तय करेगा कि MBA जैसी डिग्रियों की अहमियत किस दिशा में जाती है।
