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9 साल काम के बाद भी नहीं मिली सैलरी Kingfisher के पूर्व पायलट पहुंचे हाईकोर्ट
1.39 करोड़ रुपये बकाया होने का दावा, न्याय के लिए कर्नाटक हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया
कभी देश की सबसे चर्चित एयरलाइंस में रही Kingfisher Airlines एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह है उसके पूर्व कर्मचारियों की लंबी लड़ाई।
एयरलाइन के दो पूर्व पायलटों ने अपनी बकाया सैलरी के लिए Karnataka High Court का रुख किया है।
9 साल की मेहनत, लेकिन पैसा नहीं मिला
पायलटों का दावा है कि उन्होंने करीब 9 साल तक कंपनी में काम किया, लेकिन कंपनी के बंद होने के बाद उन्हें उनकी मेहनत की पूरी कमाई नहीं मिल सकी।
एक पायलट के अनुसार:
- करीब 1.39 करोड़ रुपये का भुगतान अब भी बाकी है
- अब तक सिर्फ प्रोविडेंट फंड का पैसा ही मिला है
कोर्ट में क्या हुआ?
इस मामले की सुनवाई जस्टिस सचिन शंकर मगदुम की बेंच में हुई। कोर्ट ने फिलहाल याचिकाकर्ताओं को निर्देश दिया है कि वे अपनी याचिका की कॉपी आधिकारिक लिक्विडेटर को सौंपें।
मामले की अगली सुनवाई 8 अप्रैल को तय की गई है।

पहले ही तय हो चुका है बकाया
पायलटों के वकील का कहना है कि 2022-23 में आधिकारिक लिक्विडेटर ने भुगतान की राशि तय कर दी थी, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई भुगतान नहीं किया गया।
और भी कर्मचारी कर रहे हैं संघर्ष
यह मामला सिर्फ दो पायलटों तक सीमित नहीं है। कई अन्य पूर्व कर्मचारी भी अपने बकाया वेतन के लिए संघर्ष कर रहे हैं और कुछ ने National Company Law Tribunal (NCLT) का रुख किया है।
कर्मचारियों की उम्मीदें
लंबे समय से न्याय का इंतजार कर रहे इन कर्मचारियों को अब कोर्ट से उम्मीद है कि उन्हें उनका हक मिलेगा।
यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि जब बड़ी कंपनियां बंद होती हैं, तो कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा कैसे की जाए।
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