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Strait of Hormuz पर UK की बैठक में शामिल हुआ India – Vikram Misri ने कहा, ‘निर्बाध आवागमन हमारी प्राथमिकता’

30 से ज्यादा देशों की बैठक में India ने जताई चिंता – 18 Indian जहाज अभी भी Hormuz के पश्चिम में फंसे, तेल आपूर्ति पर संकट गहराया

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Strait of Hormuz पर UK की बैठक में शामिल हुआ India – Vikram Misri ने कहा, 'निर्बाध आवागमन हमारी प्राथमिकता'
Strait of Hormuz से गुजरने वाले Indian जहाज – ऊर्जा सुरक्षा के लिए India की कूटनीतिक कोशिशें जारी। (प्रतीकात्मक फोटो)

नई दिल्ली/लंदन। जब पूरी दुनिया Strait of Hormuz के बंद होने से ऊर्जा संकट की आशंका से कांप रही है, तब India ने गुरुवार को एक अहम कदम उठाते हुए UK की अगुआई में हुई उस बड़ी बैठक में हिस्सा लिया, जिसमें 30 से अधिक देश शामिल हुए। इस बैठक का मकसद था – दुनिया के सबसे व्यस्त और संवेदनशील समुद्री रास्तों में से एक Strait of Hormuz को फिर से सुरक्षित और खुला बनाने के उपाय तलाशना।

Vikram Misri ने Virtual रूप से की शिरकत

India की तरफ से Foreign Secretary Vikram Misri ने इस बैठक में वर्चुअली भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता British Foreign Minister Yvette Cooper ने की। इसमें France, Germany, Italy, Canada और UAE जैसे देशों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। गौरतलब है कि US इस बैठक में शामिल नहीं हुआ।

Ministry of External Affairs के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा – “UK ने कई देशों को इस बैठक के लिए आमंत्रित किया था, जिनमें India भी शामिल था।” उन्होंने यह भी दोहराया कि India हमेशा से अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत मुक्त और खुले समुद्री व्यापार का समर्थक रहा है।

India का साफ संदेश – ‘हमारे जहाजों को सुरक्षित गुजरने दो’

Jaiswal ने बताया कि India, Iran और अन्य देशों के साथ लगातार संपर्क में है ताकि Indian-flagged merchant vessels को Strait of Hormuz से सुरक्षित गुजरने दिया जा सके। इन जहाजों पर LPG और LNG जैसे ज़रूरी ईंधन उत्पाद लदे हैं। उन्होंने राहत की खबर देते हुए कहा कि इस कूटनीतिक प्रयास के दौरान “छह Indian जहाज सुरक्षित रूप से Hormuz पार कर चुके हैं।”

18 जहाज अभी भी फंसे – India की ऊर्जा सुरक्षा दांव पर

फिलहाल New Delhi की नजर उन 18 Indian-flagged vessels पर टिकी है जो oil और gas लेकर Strait of Hormuz के पश्चिम में खड़े हैं। इसके अलावा 10 foreign-flagged ships भी ऊर्जा उत्पाद लेकर India की तरफ आ रही थीं, लेकिन वे भी फंसी हुई हैं। यह तब है जब Strait of Hormuz से India के कुल तेल आयात का 50% गुजरता है – यानी यह रास्ता बंद रहा तो India के लिए ऊर्जा संकट गहरा सकता है।

Strait of Hormuz पर UK की बैठक में शामिल हुआ India – Vikram Misri ने कहा, 'निर्बाध आवागमन हमारी प्राथमिकता'


Iran फिलहाल Indian-flagged vessels को case-by-case basis पर गुजरने दे रहा है, लेकिन यह रास्ता mines से भरा है और हर जहाज की आवाजाही के लिए अलग अनुमति लेनी पड़ रही है।

Trump बोले – ‘यह दूसरों की समस्या है’

यह बैठक उसी दिन हुई जब US President Donald Trump ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कह दिया कि Strait of Hormuz को सुरक्षित करना “दूसरे देशों की जिम्मेदारी है।” Trump ने यह भी कहा कि जो देश ईंधन नहीं पा रहे, वे या तो US से तेल खरीदें या “थोड़ी हिम्मत दिखाएं और खुद ले जाएं।” उन्होंने यह भी कहा कि जंग खत्म होते ही Strait “अपने आप खुल जाएगी” – हालांकि कोई समयसीमा नहीं बताई।

Operation Sankalp से India कर रहा है निगरानी

Jaiswal ने यह भी स्पष्ट किया कि India ने safe passage के लिए Iran को कोई भुगतान नहीं किया है और न ही ऐसी कोई बातचीत हुई है। Indian Navy के युद्धपोत Arabian Sea और Gulf of Aden में Operation Sankalp के तहत तैनात हैं – यह ऑपरेशन 2019 में शुरू हुआ था और इसका मकसद समुद्री व्यापार और Indian merchant vessels की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

जानकारों का मानना है कि UK की इस बैठक से तुरंत कोई बड़ा नतीजा निकलने की उम्मीद नहीं है, लेकिन India का इसमें शामिल होना यह साफ संकेत देता है कि New Delhi इस संकट को बेहद गंभीरता से ले रहा है।

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