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EC और TMC के बीच तीखी नोकझोंक: बैठक में ‘शाउटिंग’ से लेकर ‘गेट लॉस्ट’ तक पहुंचा विवाद
पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले गरमाई सियासत, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लगाए गंभीर आरोप
नई दिल्ली में बुधवार को चुनाव आयोग और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच हुई बैठक विवादों में घिर गई। यह बैठक महज 7 मिनट में खत्म हो गई, लेकिन इसके बाद दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
TMC के प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि बैठक के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने उनसे “गेट लॉस्ट” तक कह दिया। वहीं चुनाव आयोग ने पलटवार करते हुए कहा कि TMC के नेता बैठक में “जोर-जोर से चिल्ला रहे थे” और माहौल खराब कर रहे थे।
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बैठक में TMC की ओर से डेरेक ओ’ब्रायन, सागरिका घोष, साकेत गोखले और मेनेका गुरुस्वामी शामिल थे। यह प्रतिनिधिमंडल पश्चिम बंगाल में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान मतदाताओं के कथित नाम कटने का मुद्दा उठाने गया था।

चुनाव आयोग ने बैठक के बाद एक सख्त बयान जारी करते हुए कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल में चुनाव “डर, हिंसा, धमकी और लालच से मुक्त” कराए जाएंगे।
इसके जवाब में TMC ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। पार्टी ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया “दिल्ली के नियंत्रण, राजनीतिक पक्षपात और चुनिंदा उत्पीड़न” से मुक्त होनी चाहिए।
यह टकराव ऐसे समय में हुआ है जब पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी तेज हो रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस तरह के टकराव और बढ़ सकते हैं, जिससे चुनावी माहौल और ज्यादा गर्म होने की संभावना है।
