Entertainment
Dhurandhar Review Ranveer Singh का अब तक का सबसे खतरनाक अवतार क्यों यह जासूसी थ्रिलर आपको हिला देगी
अक्षय खन्ना की धमाकेदार स्क्रीन प्रेज़ेंस और रणवीर सिंह की बेरहम अदाकारी ने Dhurandhar को बनाया साल की सबसे तीखी स्पाई थ्रिलर
बॉलीवुड में लंबे इंतज़ार के बाद आखिरकार निर्देशक आदित्य धर की बहुप्रतीक्षित फिल्म Dhurandhar सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है। 3 घंटे 32 मिनट की इस मैराथन स्पाई-थ्रिलर में दर्शकों को एक ऐसी दुनिया दिखाई जाती है जहां जासूसी, राजनीतिक षड्यंत्र, गैंगवार और राष्ट्रहित की लड़ाई एक दूसरे में उलझी हुई नज़र आती है।
फिल्म का केंद्रबिंदु हैं – रणवीर सिंह। दो साल के अंतराल के बाद बड़े पर्दे पर लौटे रणवीर ने Humza Ali Mazari उर्फ Jaskirat Singh Rangil के रूप में ऐसा रूप धारण किया है कि दर्शक उन्हें स्क्रीन से नज़रें नहीं हटा पाते। उनकी तीखी आंखें, हिंसक ऊर्जा और अंदर दबा हुआ दर्द – हर फ्रेम में झलकता है कि वह इस फिल्म को अपने कंधों पर उठाकर ले जा रहे हैं।
“घायल हूं… इसलिए घातक हूं” – रणवीर का डायलॉग जिसने थिएटर गूंजा दिया
फिल्म की शुरुआत 1999 के IC–814 कंधार विमान अपहरण और 2001 संसद हमला की पृष्ठभूमि से होती है। यह वही दौर है जब भारत आतंकवाद के सबसे कठिन समय से गुजर रहा था।
हम मिलते हैं IB अधिकारी अजय सन्याल से, जिसे निभाया है अनुभवी अभिनेता आर. माधवन ने। वह आतंकियों की रिहाई का पुरज़ोर विरोध करते हैं, लेकिन राजनीति की मजबूरियां उन्हें रोक देती हैं।
इसी टूटे सिस्टम से जन्म लेता है एक गुप्त मिशन — ‘Dhurandhar’, जिसके अंतर्गत रणवीर का किरदार पाकिस्तान के कुख्यात लियारी इलाके में एक सीक्रेट हथियार की तरह भेजा जाता है।
और भी पढ़ें : Divya Khossla का बड़ा बयान—“Bollywood मगरमच्छों से भरा है… मैं काम के लिए अपनी आत्मा कभी नहीं बेचूंगी”
अक्षय खन्ना का करिश्मा: खलनायक भी और हीरो भी
यदि कोई एक व्यक्ति रणवीर सिंह की चमक को टक्कर देता है, तो वह हैं अक्षय खन्ना।
उनका किरदार Rehman ‘Dakait’ Baloch पर आधारित है — एक गैंगस्टर जो सत्ता की कुर्सी पाने के लिए हर कीमत पर गुजरने को तैयार है।
अक्षय खन्ना अपने हर दृश्य में इतना गहरा असर छोड़ते हैं कि दर्शक खुद को बार-बार उनकी ओर खिंचता हुआ पाते हैं। उनका रहस्यमय सन्नाटा, उनकी आंखों की आग… रणवीर और अक्षय के बीच के सीन फिल्म की जान हैं
संजय दत्त और अर्जुन रामपाल: छोटी भूमिकाएँ, बड़ा धमाका
संजय दत्त SP Aslam के रूप में आए हैं — एक ऐसा सुपरकॉप जिसकी एंट्री ही थिएटर को सीटीयों से भर देती है।
उधर अर्जुन रामपाल का Major Iqbal धीमा ज़हर है। वह कम दिखते हैं, लेकिन उनकी बर्बरता वाला फिशहुक टॉर्चर सीन रीढ़ में सिहरन पैदा कर देता है।
धुरंधर का राजनीतिक और सामाजिक तानाबाना
फिल्म पाकिस्तान के भीतर मौजूद सत्ता संघर्ष, ISI नेटवर्क, बलूच–पंजाबी विवाद और गैंगवार जैसे विषयों को मजबूती से छूती है।
फिल्म कहीं-कहीं “Uri: The Surgical Strike” की याद दिलाती है, खासकर जब रणवीर का किरदार कहता है:
“ये नया भारत है… घर में घुसेगा भी और मारेगा भी।”

बैकग्राउंड स्कोर और गाने – शशवदत सचदेव का फिर कमाल
शशवत सचदेव ने एक बार फिर संगीत से फिल्म को ऊंचाई दी है।
गुलाम अली की “चुपके चुपके”, हसन जहांगीर की “हवा हवा” और नुसरत फ़तेह अली खान की “अफ़रीन अफ़रीन” जैसे गीत कहानी के साथ खूबसूरती से बहते हैं। ड्रामेटिक सीक्वेंस में बैकग्राउंड स्कोर दिल की धड़कन बढ़ा देता है।
कमज़ोरी क्या है?
फिल्म में एक एपिसोडिक संरचना है, जिससे दूसरा हाफ थोड़ा अलग फिल्म जैसा लगता है।
कुछ दृश्य अत्यधिक हिंसक और ग्राफिक हैं — संवेदनशील दर्शक सावधान रहें।
और सबसे बड़ी बात—ट्रेलर में दिखाए गए कई बड़े दृश्य असल में पार्ट–2 में हैं, जो मार्च 2026 में आएगा।
Verdict: Dhurandhar क्यों देखने जाएं?
- रणवीर सिंह की करियर-डिफाइनिंग परफॉर्मेंस
- अक्षय खन्ना का कातिलाना स्क्रीन प्रेज़ेंस
- तगड़ा संगीत, शानदार सिनेमाटोग्राफी
- दमदार राजनीतिक–जासूसी कहानी
यदि आपको Raazi, Baby, या Uri जैसी स्पाई-थ्रिलर पसंद हैं, तो Dhurandhar आपको निराश नहीं करेगी।
