Connect with us

Politics

हरियाणा चुनाव पर कांग्रेस का आरोप: 7 सीटों पर गड़बड़ी का दावा, राहुल गांधी बोले — “यह केंद्रीकृत साजिश है”

कांग्रेस ने कर्नाल, रेवाड़ी, पानीपत सिटी, होडल, कालका, नरनौल और राय सीटों पर EVM और वोटर लिस्ट में अनियमितताओं का आरोप लगाया, वहीं बीजेपी ने इसे “हार की हताशा” बताया

Published

on

Haryana Election Controversy: Congress alleges irregularities in 7 seats, BJP calls it frustration | Dainik Diary
राहुल गांधी ने हरियाणा चुनाव पर उठाए सवाल, कांग्रेस बोली — “7 सीटों पर हुई गड़बड़ी”; बीजेपी ने कहा — “हार का बहाना।”

हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी जंग और तेज़ हो गई है।
राहुल गांधी ने बुधवार को दावा किया कि हरियाणा की वोटर लिस्ट में भारी गड़बड़ी हुई है। उन्होंने एक महिला की तस्वीर दिखाते हुए कहा कि वह “राय विधानसभा क्षेत्र के 10 बूथों में 22 बार वोटर लिस्ट में दर्ज” थी।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यह कोई गलती नहीं बल्कि “केंद्रीकृत साजिश” थी।

कांग्रेस ने 7 सीटों पर जताई शंका

अक्टूबर 2024 में चुनाव खत्म होने के बाद कांग्रेस ने चुनाव आयोग (EC) को एक ज्ञापन सौंपा था। पार्टी ने कहा था कि उसके उम्मीदवारों और पोलिंग एजेंट्स ने कई सीटों पर EVM और वोटर लिस्ट में स्पष्ट विसंगतियाँ देखीं।
कांग्रेस ने 7 सीटोंकर्नाल, रेवाड़ी, पानीपत सिटी, होडल, कालका, नरनौल और राय — को “उदाहरण” के रूप में पेश किया था।

इनमें से छह सीटें बीजेपी ने जीतीं, जबकि एक सीट (डबवाली) इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) को गई। इन हार का अंतर 610 वोट से लेकर 35,000 से अधिक वोटों तक का रहा।

राय सीट

राय विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। 2024 में कृष्णा गहलावत ने जीत हासिल की, जबकि 2019 में मोहन लाल बादोली विजेता रहे।
दोनों बार कांग्रेस को मामूली अंतर से हार का सामना करना पड़ा।

नरनौल — पुराना गढ़, नई हार

महेंद्रगढ़ जिले की नरनौल सीट पर बीजेपी के ओम प्रकाश यादव ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की।
उन्होंने कांग्रेस के राव नरेंद्र सिंह को 17,171 वोटों से हराया। ओम प्रकाश इस समय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हैं।
कांग्रेस इस सीट पर 1991 के बाद से जीत नहीं पाई है।

6708141036066 congress rahul gandhi mallikarjun khadge 105106589 16x9 1


कर्नाल — खट्टर का गढ़

कर्नाल सीट पर एक बार फिर बीजेपी का दबदबा कायम रहा। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के करीबी जगमोहन आनंद ने कांग्रेस की सुमिता विर्क को 33,652 वोटों से हराया।
कांग्रेस आखिरी बार 2009 में इस सीट पर जीती थी।

डबवाली — परिवारों की जंग

यहां मुकाबला दिलचस्प रहा। देवी लाल परिवार के दो सदस्यों के बीच भिड़ंत हुई।
अदित्य देवीलाल (INLD) ने कांग्रेस के अमित सिहाग को सिर्फ 610 वोटों से हराया, जबकि JJP के दिग्विजय चौटाला तीसरे स्थान पर रहे।

होडल — हुड्डा कैंप की निराशा

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष उदय भान, जो भूपिंदर सिंह हुड्डा के करीबी माने जाते हैं, को बीजेपी के हरिंदर सिंह से 2,595 वोटों से हार झेलनी पड़ी।
यह हार कांग्रेस के लिए सबसे निराशाजनक रही, क्योंकि यह सीट हुड्डा खेमे की “सुरक्षित सीट” मानी जाती थी।

कालका — नई उम्मीदवार की जीत

बीजेपी ने आखिरी वक्त में पूर्व कांग्रेस नेता विनोद शर्मा की पत्नी शक्ति रानी शर्मा को टिकट दिया।
उन्होंने कांग्रेस के प्रदीप चौधरी को 10,883 वोटों से हराकर पार्टी को चौंका दिया।

पानीपत सिटी — बीजेपी का किला बरकरार

बीजेपी के प्रमोद कुमार विज ने कांग्रेस के वरिंदर कुमार शाह को 35,672 वोटों से हराया।
यह सीट 2009 से कांग्रेस के हाथ से निकल चुकी है।

रेवाड़ी — ‘लालू परिवार’ का कनेक्शन भी न चला

रेवाड़ी सीट पर कांग्रेस नेता चिरंजीव राव (लालू प्रसाद यादव के दामाद) को इस बार करारी हार का सामना करना पड़ा।
बीजेपी के लक्ष्मण सिंह यादव ने उन्हें 28,769 वोटों से हराया, जबकि आप के उम्मीदवार सतीश यादव ने 18,000 से अधिक वोट काटकर मुकाबला त्रिकोणीय बना दिया।

बीजेपी का पलटवार

बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों को “हार की हताशा” बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि “अगर कांग्रेस को गड़बड़ी का सबूत है तो उसे अदालत में पेश करे, सिर्फ मीडिया में रोना धोना बंद करे।”

वहीं, चुनाव आयोग ने कहा है कि उसे कांग्रेस का ज्ञापन मिला है और यदि आवश्यक हुआ तो जांच की जाएगी।

rahul gandhi 2 3


नतीजों से स्पष्ट संकेत

विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस का यह आरोप लोकसभा चुनाव से पहले विपक्ष को एकजुट करने की रणनीति भी हो सकता है।
हालांकि ज़मीनी आंकड़े बताते हैं कि हरियाणा में बीजेपी अब भी मज़बूत है, और कांग्रेस को पुनर्गठन की ज़रूरत है।

अधिक अपडेट के लिए http://www.dainikdiary.com