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60 विकेट लेने वाले Auqib Nabi को नहीं मिला मौका, Dilip Vengsarkar ने चयनकर्ताओं पर उठाए सवाल

अफगानिस्तान टेस्ट टीम से बाहर होने पर भड़के पूर्व कप्तान, बोले- “अगर घरेलू क्रिकेट की कोई कीमत नहीं तो रणजी ट्रॉफी बंद कर दो”

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औकिब नबी को टीम इंडिया में मौका नहीं मिलने पर भड़के दिलीप वेंगसरकर, चयनकर्ताओं पर उठाए सवाल
रणजी ट्रॉफी में 60 विकेट लेने के बावजूद औकिब नबी को अफगानिस्तान टेस्ट के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं मिली।

India और Afghanistan के बीच होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच के लिए टीम इंडिया का ऐलान होते ही चयनकर्ताओं पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। सबसे ज्यादा चर्चा जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज Auqib Nabi को टीम में जगह नहीं मिलने को लेकर हो रही है। Ranji Trophy में शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया, जिस पर पूर्व भारतीय कप्तान Dilip Vengsarkar ने खुलकर नाराजगी जताई है।

Auqib Nabi ने हालिया रणजी ट्रॉफी सीजन में शानदार गेंदबाजी करते हुए 60 विकेट अपने नाम किए थे। उनकी लगातार अच्छी फॉर्म के बावजूद चयन समिति ने Mohammed Siraj Prasidh Krishna मानव सुथार, Gurnoor Brar और हर्ष दुबे जैसे खिलाड़ियों को टीम में जगह दी, लेकिन नबी को मौका नहीं मिला।

“यह फैसला पूरी तरह गलत” — वेंगसरकर

पूर्व मुख्य चयनकर्ता Dilip Vengsarkar ने इस फैसले को “अन्याय” और “बेहद चौंकाने वाला” बताया। उन्होंने कहा कि घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को नजरअंदाज करना समझ से परे है।

वेंगसरकर ने कहा कि अगर 60 विकेट लेने वाला गेंदबाज भी भारतीय टीम में जगह नहीं बना सकता, तो फिर घरेलू क्रिकेट खेलने का मतलब क्या रह जाता है। उनके मुताबिक औकिब नबी ने अपनी मेहनत और प्रदर्शन के दम पर मौका डिजर्व किया था।

लगातार दो सीजन से शानदार प्रदर्शन

यह पहली बार नहीं है जब औकिब नबी ने रणजी ट्रॉफी में कमाल किया हो। इससे पहले वाले सीजन में भी उन्होंने 44 विकेट लिए थे और उनका औसत बेहद शानदार रहा था। लगातार दो सीजन में दमदार प्रदर्शन के बाद क्रिकेट विशेषज्ञ मान रहे थे कि अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच उनके लिए डेब्यू का सही मौका हो सकता था।

वेंगसरकर का मानना है कि जब कोई खिलाड़ी शानदार फॉर्म में हो, तब उसे तुरंत मौका देना चाहिए। ज्यादा इंतजार करने से खिलाड़ी का आत्मविश्वास और लय दोनों प्रभावित हो सकते हैं।

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इरफान पठान ने भी उठाए सवाल

पूर्व भारतीय ऑलराउंडर Irfan Pathan  ने भी सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि रणजी ट्रॉफी के प्रदर्शन को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। इरफान के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई।

कई फैंस का कहना है कि घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को मौके नहीं मिलते, जबकि कुछ खिलाड़ी सीधे आईपीएल या सीमित ओवरों के प्रदर्शन के आधार पर टीम में आ जाते हैं।

औकिब नबी को टीम इंडिया में मौका नहीं मिलने पर भड़के दिलीप वेंगसरकर, चयनकर्ताओं पर उठाए सवाल


चयनकर्ताओं ने क्या कहा?

मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वीकार किया कि औकिब नबी के नाम पर चर्चा हुई थी। हालांकि अंत में चयन समिति ने गुरनूर बराड़ को टीम में शामिल करने का फैसला लिया।

लेकिन इस फैसले के बाद यह सवाल फिर खड़ा हो गया है कि क्या भारतीय टीम में चयन के लिए घरेलू क्रिकेट का प्रदर्शन अब उतना अहम नहीं रह गया जितना पहले माना जाता था।

क्या घरेलू क्रिकेट की अहमियत घट रही है?

भारतीय क्रिकेट में रणजी ट्रॉफी को लंबे समय से टेस्ट क्रिकेट की असली तैयारी माना जाता रहा है। कई दिग्गज खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट से निकलकर ही टीम इंडिया तक पहुंचे हैं। ऐसे में औकिब नबी जैसे खिलाड़ी की अनदेखी ने चयन प्रक्रिया पर नई बहस शुरू कर दी है।

अब देखना होगा कि आने वाले समय में चयनकर्ता घरेलू क्रिकेट के प्रदर्शन को कितनी प्राथमिकता देते हैं और क्या औकिब नबी को जल्द भारतीय टीम में मौका मिल पाता है या नहीं।

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