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क्या US-Iran समझौते की राह खुलने वाली है? Tehran पहुंचे पाक आर्मी चीफ Asim Munir’s पर टिकी दुनिया की नजर
ईरानी मीडिया का दावा- अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम कराने में पाकिस्तान निभा रहा अहम रोल, जल्द हो सकता है MoU
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच अब एक नई कूटनीतिक हलचल देखने को मिल रही है। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर गुरुवार को तेहरान पहुंच रहे हैं, जहां उनकी यात्रा को अमेरिका-ईरान संबंधों में संभावित बड़ी प्रगति से जोड़कर देखा जा रहा है।
ईरान की ISNA न्यूज एजेंसी के अनुसार, असीम मुनीर की यह यात्रा सिर्फ औपचारिक मुलाकात नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक मिशन का हिस्सा है। दावा किया गया है कि पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और दोनों देशों के बीच चल रही अप्रत्यक्ष बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान और वॉशिंगटन के बीच एक संभावित Memorandum of Understanding (MoU) को लेकर बातचीत जारी है। इस समझौते का उद्देश्य मौजूदा टकराव को कम करना और क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में कदम बढ़ाना बताया जा रहा है।
ईरानी मीडिया ने यह भी कहा कि बातचीत के दौरान सुरक्षा गारंटी, भरोसा बहाली और युद्ध जैसी स्थिति से बचने के उपायों पर चर्चा हो रही है। वहीं अमेरिका की ओर से लगातार दिए जा रहे सख्त बयानों के बीच कूटनीतिक बातचीत तेज हो गई है।
असीम मुनीर की यात्रा से पहले पाकिस्तान के गृह मंत्री सैयद मोहसिन नकवी भी इस सप्ताह दूसरी बार तेहरान पहुंचे थे। उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। दोनों पक्षों के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा, राजनीतिक सहयोग और अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर विचार-विमर्श हुआ।
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सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने बातचीत के जरिए समाधान निकालने और तनाव कम करने की जरूरत पर जोर दिया है। ईरान ने भी क्षेत्रीय सहयोग और राजनीतिक संवाद जारी रखने की अहमियत बताई है।

हालांकि अभी तक अमेरिका या ईरान की ओर से किसी आधिकारिक समझौते की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन तेहरान मीडिया की रिपोर्ट्स ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह बातचीत सफल होती है तो इसका असर केवल पश्चिम एशिया ही नहीं बल्कि वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर भी पड़ सकता है।
डोनाल्ड ट्रंप की हालिया चेतावनियों और क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच यह कूटनीतिक गतिविधियां काफी अहम मानी जा रही हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या पाकिस्तान की मध्यस्थता अमेरिका और ईरान के बीच किसी बड़े समझौते का रास्ता खोल पाएगी।
