Business & Economy
जेट फ्यूल महंगा पड़ा भारी: सरकारी मदद न मिली तो बंद हो सकती हैं भारतीय एयरलाइंस!
एयरलाइंस बॉडी की चेतावनी—ATF कीमतों में उछाल से ऑपरेशन संकट में, सरकार से तुरंत राहत की मांग
भारत का एविएशन सेक्टर इस समय गंभीर दबाव में है। Federation of Indian Airlines (FIA) ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर जल्द राहत नहीं मिली, तो कई एयरलाइंस को अपने ऑपरेशन बंद करने पड़ सकते हैं।
क्या है पूरा मामला?
FIA, जिसमें Air India, IndiGo और SpiceJet जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं, ने नागरिक उड्डयन सचिव को पत्र लिखकर मदद की मांग की है।
संस्था का कहना है कि एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में तेज उछाल के कारण एयरलाइंस का संचालन अब घाटे का सौदा बनता जा रहा है।
जेट फ्यूल क्यों बना सबसे बड़ा बोझ?
एयरलाइंस के कुल खर्च में सबसे बड़ा हिस्सा ATF का होता है। हाल ही में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से ATF भी महंगा हो गया है।
बताया जा रहा है कि Iran conflict के चलते सप्लाई प्रभावित हुई, जिससे कीमतों में और तेजी आई।
“ऑपरेशन करना मुश्किल हो गया”
FIA के मुताबिक:
- घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों उड़ानें प्रभावित हो रही हैं
- कंपनियां भारी वित्तीय दबाव में हैं
- स्थिति ऐसी है कि कुछ एयरलाइंस बंद होने के कगार पर हैं
क्या समाधान सुझाया गया?
एयरलाइंस ने “क्रैक बैंड” नाम का एक मॉडल प्रस्तावित किया है, जिसके तहत:
- ऑयल कंपनियां अपनी लागत और मुनाफा निकाल सकें
- एयरलाइंस पर अचानक बढ़े खर्च का दबाव कम हो
इससे कीमतों में पारदर्शिता भी बनी रहेगी।
सरकार से क्या मांग?
FIA ने सरकार से अपील की है कि:

ATF कीमतों पर तुरंत राहत दी जाए- कुछ समय के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाए
- ताकि एयरलाइंस अपने ऑपरेशन जारी रख सकें
यात्रियों पर क्या असर पड़ सकता है?
अगर स्थिति नहीं सुधरी, तो:
- फ्लाइट टिकट महंगे हो सकते हैं
- उड़ानों की संख्या कम हो सकती है
- कुछ रूट्स बंद भी किए जा सकते हैं
आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सरकार ने समय रहते कदम नहीं उठाए, तो इसका असर पूरे एविएशन सेक्टर और यात्रियों दोनों पर पड़ेगा।
